search

लेबनान में हादसे का शिकार हुए पिहोवा के धीरज का शव 29 दिन बाद घर पहुंचा, परिवार ने मांगी आर्थिक मदद

deltin33 11 hour(s) ago views 833
  

कैप्शन: धीरज l फाइल फोटो



संवाद सहयोगी, पिहोवा। अच्छे भविष्य की आशा लेकर लेबनान गए 26 वर्षीय धीरज का शव 29 दिन बाद घर लौटा, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मां राजदुलारी बेटे का शव देखकर बार-बार बेहोश हो रही थीं, जबकि पिता पवन कुमार इकलौते बेटे का अंतिम संस्कार करते समय कांपते हाथों से उसे विदाई दे रहे थे। पिहोवा के लोग भी धीरज को अंतिम विदाई देने के लिए जुटे। परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है।
टूट गया पूरा परिवार

धीरज पिहोवा के वार्ड-7 गडरिया मोहल्ले का निवासी था और तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी बहनों की शादी हो चुकी है। धीरज ही परिवार का एकमात्र सहारा था। पिता पवन कुमार की कैथल रोड पर चाय की दुकान है। धीरज का 27वां जन्मदिन 2 फरवरी को था लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई, जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया है।

पिछले वर्ष गया था लेबनान स्वजन के अनुसार, धीरज 19 फरवरी 2025 को वर्क वीजा पर लेबनान गया था। वह बीका वेली शहर के जेला इंडस्ट्रीज एरिया में बायस डिजाइन नामक प्लाईवुड फैक्ट्री में काम कर रहा था। दिसंबर में उसने काम शुरू किया था। चचेरे भाई राजीव कुमार ने बताया कि काम के दौरान धीरज की जान चली गई। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
विवाद भी हुआ

धीरज की मौत के बाद उसकी शादी को लेकर विवाद भी उत्पन्न हुआ है। पिता पवन कुमार का आरोप है कि भट्ट माजरा गांव की एक युवती ने फर्जी दस्तावेजों पर शादी रजिस्टर करवाई थी।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
473666