इसमें प्रतीकात्मकत तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, बेतिया । वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के नए क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा ने कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने बताया कि ईको टूरिज्म के तहत पर्यटकों की सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा। हाल के वर्षों में यहां बाघों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।
ऐसे में पर्यटकों का रूझान वीटीआर के तरफ है। पर्यटकों के लिए बनी संरचनाओं को सुरक्षित रखने उनकी साफ-सफाई करने के साथ -साथ उनके मेंटेनेस पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चाहे सरैयामन रामसर साइट हो या फिर वीटीआर के जंगल सभी जगहों पर ईको पर्यटन के क्षेत्र में सृजनात्मक कार्यो को बढ़ावा दिया जाएगा। ताकि आने वाले समय में यह क्षेत्र पर्यटन का हब बन सके।
वन्य जीवों एवं वन संपदा की सुरक्षा वीटीआर प्रशासन की प्राथमिकता होगी। इसे देखते हुए इस क्षेत्र में नियमित रूप से पेट्रोलिंग की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वीटीआर उत्तर प्रदेश की सुहागी बरवा व नेपाल के चितवन टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है।
ऐसे में बाघ सहित अन्य वन्य जीवों की मॉनीटरिंग के लिए वहां के अधिकारियों के आवश्यकतानुसार संपर्क करने की भी बात कही। मानव वन जीव संघर्ष को कम करने की दिशा में पहल होगी। इसके लिए उनके बीच सह अस्तित्व के सिद्धांत पर जोर दिया जाएगा।
ड्राई पैच में बढ़ाई जाएगी वाटर होल की संख्या
नए क्षेत्र निदेशक ने कहा कि अब गर्मी का मौसम आने वाला है। वीटीआर से होकर बहने वाले कई नदी नाने भी सूखने लगते हैं। ऐसे में पूर्व से बने वाटर होल को विस्तृत करने के साथ-साथ इसकी संख्या में बढ़ोत्तरी की जाएगी।
जहां-जहां सूखा स्थान (ड्राई पैच) है, उसे चिह्नित किया जाएगा और वाटर होल बनाया जाएगा। ताकि बाघ एवं अन्य वन्य प्राणियों को आवश्यकतानुसार पानी हर समय पानी उपलब्ध हो सके।
फायर प्लान पर होगा काम
उन्होंने कहा कि वीटीआर के लिए फायर प्लान स्वीकृत किया गया है। इसके आधार पर काम होगा। क्षेत्र निदेशक ने कहा कि वीटीआर का जंगल सदाबहार जंगल (एवरग्रीन फारेस्ट)है।
अन्य टाइगर रिजर्व की अपेक्षा यहां अगलगी की स्थिति में ज्यादा नुकसान नहीं होता है, बावजूद इसके आग से वन संपदाओं के बचाव के लिए हर स्तर पर काम होगा। |
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