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जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। भारतीय रेलवे ने ट्रेन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियमों में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब यात्री ट्रेन का चार्ट बनने से पहले तक अपने बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग-2) संजय मनोचा ने सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्या है नई व्यवस्था? अक्सर यात्रियों को टिकट बुक करने के बाद अपनी यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ता है। वर्तमान व्यवस्था में बोर्डिंग पॉइंट बदलने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल है, लेकिन नई व्यवस्था के तहत इसे बेहद सुगम बनाया जा रहा है। यदि किसी यात्री ने किसी खास स्टेशन से टिकट आरक्षित कराया है और वह उसी रूट के किसी अन्य स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहता है, तो वह \“रिजर्वेशन चार्ट\“ बनने तक इसके लिए आवेदन कर सकता है।
समय सीमा और तकनीकी बदलाव रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों के निर्धारित समय से 10 से 20 घंटे पहले चार्ट बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। यात्रियों की सहूलियत के लिए बोर्ड ने CRIS को इसकी व्यवहारिकता जांचने को कहा है ताकि यात्री दूसरा चार्ट बनने तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकें।
यदि यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी होती है, तो:
- सामान्य ट्रेनों में: यात्री चार्ट बनने के 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग पॉइंट बदल पाएंगे।
- प्रीमियम ट्रेनों (जैसे वंदे भारत) में: यह सुविधा ट्रेन खुलने या चार्ट बनने के मात्र 15 मिनट पहले तक उपलब्ध हो सकती है।
सीटों के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिलेगी रेलवे बोर्ड के निदेशक ने इस प्रणाली को जल्द से जल्द डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। इससे न केवल उन यात्रियों को लाभ होगा जिन्हें अचानक अपना प्रस्थान स्थल बदलना पड़ता है, बल्कि इससे सीटों के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।
यह बदलाव उन हजारों रेल यात्रियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा जो अंतिम समय में बोर्डिंग स्टेशन को लेकर परेशान रहते थे। अब वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या टिकट रद कराए अपनी सुविधा अनुसार स्टेशन का चुनाव कर सकेंगे। |
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