search

रेलवे की सुरक्षा पाठशाला : आग लगने पर कोच को 45 मीटर दूर करना अनिवार्य, ट्रेनी पायलटों को मिली इमरजेंसी ड्रिल

Chikheang 1 hour(s) ago views 255
  

ट्रेनी लोको पायलटों को जानकारी देते सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार।



जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। रेल यात्रा को सुरक्षित बनाने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए टाटानगर रेल सिविल डिफेंस द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गुरुवार को इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित इस सत्र में रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा नवनियुक्त 400 सहायक और ट्रेनी लोको पायलटों ने हिस्सा लिया।  
आग लगने पर पायलट की पहली जिम्मेदारी प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि यदि किसी ट्रेन के कोच में आग लगती है, तो लोको पायलट का प्राथमिक कर्तव्य फ्लेशर लाइट जलाना और ट्रेन को किसी ऐसे सुरक्षित स्थान पर खड़ा करना है जहां से यात्री आसानी से बाहर निकल सकें।  
कोच को अलग करना और सुरक्षा मानक

विशेषज्ञों ने बताया कि जिस कोच में आग लगी हो, उसे अन्य बोगियों से काटकर 45 मीटर की दूरी पर अलग कर देना चाहिए ताकि आग अन्य हिस्सों में न फैले। साथ ही, ट्रेन को ढलने (Roll down) से बचाने के लिए उचित उपाय करने चाहिए।  
आग लगने के प्रमुख कारण और बचाव

निरीक्षक ने यात्रियों की लापरवाही और तकनीकी कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्वलनशील पदार्थ (गैस स्टोव, सिलेंडर, पेट्रोल, पटाखे) ले जाना वर्जित है। बीड़ी-सिगरेट और जलती माचिस की तीलियां फेंकना आग का बड़ा कारण बनता है।  
मॉक ड्रिल और प्राथमिक चिकित्सा

प्रशिक्षुओं को रूल ऑफ नाइन, ट्राई एज विधि और शरीर में आग लगने पर स्टॉप, ड्रॉप एंड रोल की तकनीक सिखाई गई। धुंआ भरने पर इंजन से सुरक्षित निकलने के लिए क्रॉलिंग विधि का प्रदर्शन भी किया गया।

वहीं, डेमोंस्ट्रेटर अनामिका मंडल ने घायल यात्रियों को दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
164655