बुध वक्री से किन राशियों की चमकेगी किस्मत?
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। ज्योतिष में बुध देव को बुद्धि, वाणी और व्यापार का आधार माना जाता है। हमारी निर्णय लेने की शक्ति बुध देव की स्थिति पर निर्भर करती है। 26 फरवरी 2026 को बुध कुंभ राशि में वक्री होने जा रहे हैं। कुंभ राशि भविष्य की सोच और सामाजिक संपर्कों की राशि है, इसलिए इस वक्री चाल का असर हमारे लक्ष्यों और मित्रों के साथ रिश्तों पर पड़ेगा। जब बुद्धि के स्वामी दिशा बदलते हैं, तो जीवन में अचानक भ्रम और कार्यों में देरी की आशंका बढ़ जाती है।
इस दौरान बुध की ऊर्जा बाहर के बजाय भीतर की ओर मुड़ जाती है। यह समय नई शुरुआत के बजाय आत्म-मंथन करने और पुरानी योजनाओं को सुधारने के लिए बहुत शुभ है। यदि हम अपनी वाणी और कार्यों में सहजता रखते हैं, तो इस समय को एक अवसर में बदला जा सकता है। हालांकि, यह बदलाव हर व्यक्ति के लिए अलग फल लेकर आता है। जहां कुछ को पुरानी गलतियां सुधारने का मौका मिलेगा, वहीं कुछ को संचार और यात्रा के मामलों में सावधानी बरतनी होगी ताकि किसी बड़ी हानि से बचा जा सके।
बुध वक्री की अवधि
वक्री होने की तिथि: 26 फरवरी 2026।
मार्गी होने की तिथि: 21 मार्च 2026।
कुल समय: बुध देव लगभग 24 दिनों तक कुंभ राशि में उल्टी चाल चलेंगे।
6 राशियों पर प्रभाव और विशेष उपाय
मेष राशि (Aries)
बुध आपके ग्यारहवें भाव से वक्री हो रहे हैं, जिससे ध्यान दोस्ती और प्रोफेशनल नेटवर्क पर रहेगा। रचनात्मक कार्यों में सुधार की जरूरत पड़ सकती है। दोस्तों के साथ गलतफहमी की आशंका है, इसलिए जल्दबाजी में बड़े वादे न करें। लाभ मिलने में देरी हो सकती है, पर वह रुकेगा नहीं। पुराने साथियों से सावधानी से मिलें।
उपाय: बुधवार को “ओम बुधाय नमः“ मंत्र का जाप करें और किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी समीक्षा करें।
वृषभ राशि (Taurus)
आपके दसवें भाव में बुध की उल्टी चाल करियर के मामलों में फिर से सोचने की मांग करती है। ऑफिस में बातचीत के दौरान स्पष्टता की कमी की आशंका है, इसलिए सीनियर्स के साथ बहस से बचें। यह समय पुराने अधूरे काम निपटाने और करियर की योजनाओं को सुधारने के लिए बहुत ही श्रेष्ठ और उपयुक्त माना जाएगा।
उपाय: बुधवार को हरी मूंग की दाल दान करें और कार्यस्थल पर बातचीत में विनम्रता बनाए रखें।
मिथुन राशि (Gemini)
बुध आपके नौवें भाव में वक्री हो रहे हैं। उच्च शिक्षा, यात्रा और कानूनी कागजों में देरी की आशंका हो सकती है। यह समय आध्यात्मिक चिंतन और पुराने अनुभवों से सीखने के लिए बहुत अच्छा है। बातचीत में सुधार होगा, लेकिन किसी भी पेपर को जमा करने से पहले उसकी दोबारा जांच करना आपके लिए बहुत जरूरी है।
उपाय: नियमित रूप से विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और दस्तावेजों को जमा करने से पहले दो बार जांचें।
कर्क राशि (Cancer)
बुध आपके आठवें भाव में वक्री हो रहे हैं, जिससे पुराने दबे हुए मामले सामने आने की आशंका है। पैसों की चर्चा और साझा निवेश के मामलों में बहुत सावधानी बरतें। भावनाओं में बहकर किसी को पैसा उधार न दें। यह समय गहरी रिसर्च और आत्म-चिंतन के लिए बेहतर है, लेकिन जोखिम भरे निवेश से दूर रहें।
उपाय: बुधवार को हरी सब्जियों का दान करें और अचानक पैसा उधार देने से पूरी तरह बचें।
सिंह राशि (Leo)
आपके सातवें भाव में वक्री बुध पार्टनरशिप और शादीशुदा जीवन में गलतफहमी पैदा कर सकते हैं। व्यापारिक बातचीत की रफ्तार थोड़ी धीमी रहने की आशंका है। किसी भी समझौते को अंतिम रूप देने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें। जीवनसाथी या पार्टनर के साथ शांत रहकर बातचीत करना ही इस समय सबसे बड़ी समझदारी होगी।
उपाय: बुध मंत्र का नियमित जाप करें और अपने जीवनसाथी या साझेदार के साथ शांत संवाद का अभ्यास करें।
कन्या राशि (Virgo)
आपकी राशि के छठे भाव में बुध की वक्री चाल डेली रूटीन और सेहत से जुड़े मामलों पर ध्यान मांगेगी। पुराने रुके हुए प्रोजेक्ट्स और रोजाना के काम को फिर से व्यवस्थित करने का यह सही मौका है। खर्चे बढ़ने की आशंका को देखते हुए फालतू के तनाव और ज्यादा सोच-विचार से बचना ही सच्ची सहजता है।
उपाय: बुधवार को हरे वस्त्र या हरी दाल दान करें और एक अनुशासित दैनिक दिनचर्या बनाए रखें।
लेखक: आनंद सागर पाठक, Astropatri.com अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए hello@astropatri.com पर संपर्क करें। |
|