अफगानिस्तान के साथ चार साल रहा सफर
चेन्नई, पीटीआई। अफगानिस्तान के साथ चार साल के सफल कोचिंग करियर के बाद जोनाथन ट्रॉट ने पद छोड़ दिया। ट्रॉट संयोगवश अफगानिस्तान टीम के कोच बने थे, लेकिन उनकी कोचिंग में टीम ने क्रिकेट में कई ऊंचाइयों को छुआ। दरअसल, पहले अफगानिस्तान ने कोच पद के लिए इंग्लैंड के ही ग्राहम थोर्प से संपर्क किया था, लेकिन थोर्प ने इन्कार कर दिया। इसके बाद ट्रॉट को यह भूमिका सौंपी गई।
सुपर-8 की दौड़ से बाहर टीम
अफगानिस्तान टीम के साथ बिताए यादगार पलों से संतुष्ट, लेकिन भावुक ट्रॉट ने चार साल के कार्यकाल के बाद अपनी भूमिका को अलविदा कह दिया। टी-20 विश्व कप 2026 में अफगानिस्तान ने सुपर-8 की दौड़ से बाहर होने के बाद अपने अंतिम मैच में कनाडा को 82 रन से हराकर अभियान समाप्त किया।
44 वर्षीय ट्रॉट ने टीम के साथ अपने सफर को याद करते हुए कहा कि यह अनुभव बेहद खास रहा। उनके नेतृत्व में अफगानिस्तान टीम ने सफेद गेंद क्रिकेट में खुद को एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में स्थापित किया। टीम 2023 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल के करीब पहुंची और 2024 टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंची।
मैं इस मौके के लिए बहुत आभारी
मैच के बाद ट्रॉट ने कहा, शायद यह सही समय है या नहीं, मुझे नहीं पता, लेकिन मैं सभी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं। मैं इस मौके के लिए बहुत आभारी हूं। मुझे यह अवसर काफी हद तक सौभाग्य से मिला, क्योंकि ग्राहम थोर्प यह भूमिका नहीं निभा सके। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरे उत्साह के साथ स्वीकार किया और पूरी मेहनत से काम किया।
दक्षिण अफ्रीका में जन्मे ट्रॉट ने कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी खुशी खिलाड़ियों के व्यक्तिगत विकास को देखना रहा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के जीवन में बदलाव आता है और वे अपने परिवार की दिशा बदल सकते हैं। साथ ही उन्होंने माना कि टीम कभी-कभी दुर्भाग्यशाली रही, खासकर दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध मैच में, जहां जीत के करीब पहुंचकर भी हार का सामना करना पड़ा।
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