search

Skand Shashthi 2026: स्कन्द षष्ठी व्रत पर इस विधि से करें पूजा, नोट करें पूजा से जुड़ी सभी बातें

Chikheang 3 hour(s) ago views 472
  

Skand Shashthi 2026: स्कन्द षष्ठी पूजा विधि। (Ai Generated Image)



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कन्द षष्ठी का व्रत रखा जाता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के बड़े बेटे भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। इस साल यह पावन पर्व आज मनाया जा रहा है। इस दिन (Skand Shashthi 2026) सच्चे मन से पूजा-पाठ और व्रत करने से सुख-शांति की प्राप्ति होती है। साथ ही शत्रुओं पर विजय मिलती है, तो आइए जानते हैं स्कन्द षष्ठी की सही पूजन विधि और प्रमुख बातें।

  

Ai Generated Image
स्कन्द षष्ठी पूजन विधि (Skand Shashthi 2026 Puja Vidhi)

  • स्कन्द षष्ठी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। इसके बाद लाल या पीले कपड़े पहनें।
  • हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके एक वेदी स्थापित करें।
  • उस पर लाल कपड़ा बिछाएं और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा स्थापित करें। साथ ही शिव-पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा भी स्थापित करें।
  • भगवान कार्तिकेय को पंचामृत से अभिषेक कराएं।
  • इसके बाद उन्हें कुमकुम, अक्षत और चंदन का तिलक लगाएं।
  • कार्तिकेय जी को लाल रंग के फूल बहुत प्रिय हैं। उन्हें फूल-माला अर्पित करें।
  • भोग में फल, मिठाई चढ़ाएं।
  • घी का दीपक और धूप जलाएं।

मंत्र जप और कथा का पाठ

पूजन के दौरान भगवान कार्तिकेय के वैदिक मंत्रों का जप करें -

“ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महासैन्याय धीमहि तन्नो स्कन्दः प्रचोदयात्“

इसके बाद स्कन्द षष्ठी की व्रत कथा का पाठ करें, जिसमें भगवान कार्तिकेय द्वारा तारकासुर के वध और उनके सेनापति बनने के बारे में बताया गया है।
आरती और क्षमा प्रार्थना

पूजा के अंत में कपूर से भगवान कार्तिकेय की आरती करें। आरती के बाद अनजाने में हुई भूलचूक के लिए माफी जरूर मांगे। शाम के समय मंदिर में दीपदान करें।
न करें ये गलती (Skand Shashthi 2026 Donts)

  • इस दिन गुस्सा और घमंड से दूर रहें।
  • षष्ठी के दिन जरूरतमंदों को लाल कपड़े या भोजन दान करने से मंगल दोष का प्रभाव कम होता है।
  • इस व्रत में ब्रह्मचर्य का पालन करना जरूरी माना गया है।


यह भी पढ़ें- Skand Shashthi 2026: स्कन्द षष्ठी व्रत पर जरूर करें ये आरती, तभी पूरी मानी जाएगी पूजा
यह भी पढ़ें: Aaj ka Panchang 22 February 2026: आज है फाल्गुन की स्कंद षष्ठी, बन रहे ये शुभ-अशुभ योग, पढ़ें पंचांग

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
166018