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(सांकेतिक तस्वीर)
लक्ष्य चौधरी, गाजियाबाद। जिले में संचालित बिजली बिल राहत योजना के तहत पंजीकरण कराने वाले करीब साढ़े 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने प्रारंभिक पंजीकरण कर दो हजार रुपये जमा तो कर दिए, लेकिन शेष बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इन उपभोक्ताओं पर वर्तमान में लगभग 26 करोड़ 86 लाख रुपये का राजस्व बकाया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना का अंतिम चरण संचालित है और जिन उपभोक्ताओं ने अब तक पूरा भुगतान नहीं किया है, उन्हें तीसरे चरण में समस्त बकाया राशि जमा करनी होगी। यदि 28 फरवरी तक बकाया जमा नहीं किया गया तो योजना का लाभ निरस्त कर दिया जाएगा।
साथ ही पंजीकरण के समय जमा की गई राशि भी समायोजित नहीं होगी और पूरा बिल दोबारा देय हो जाएगा। दरअसल योजना के तहत लांग अनपेड और नेवर पेड उपभोक्ताओं को तीन चरणों में एकमुश्त भुगतान की सुविधा दी गई थी।
माफी योजना में कितनी छूट?
पहले चरण में पूर्ण ब्याज माफी के साथ 25 प्रतिशत मूलधन में छूट, दूसरे चरण में 20 प्रतिशत और तीसरे चरण में 15 प्रतिशत छूट का प्राविधान रखा गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने आगे भुगतान नहीं किया।
मुख्य अभियंता नरेश कुमार भारती ने सख्त निर्देश जारी करते हुए अवर अभियंताओं, टीजी-2 कर्मचारियों और संविदाकर्मियों को ऐसे उपभोक्ताओं की सूची सौंप दी है। निर्देश दिए गए हैं कि तीन दिन के भीतर डोर-टू-डोर संपर्क कर बकाया जमा कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बिजली घरों से भी उपभोक्ताओं से संपर्क किया जा रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित तिथि तक भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ कनेक्शन विच्छेदन और आरसी जारी करने की कार्रवाई की जाएगी। विद्युत निगम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे योजना का लाभ उठाते हुए समय रहते बकाया जमा करें, ताकि कड़ी कार्रवाई से बचा जा सके। |
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