ताज महोत्सव में पंजाबी गायक परमिश वर्मा की प्रस्तुति।
जागरण संवाददाता, आगरा। ताज महोत्सव में सोमवार शाम पंजाबी गायक परमिश वर्मा की प्रस्तुति ने दर्शकों को दीवाना बनाया। मंच पर रात करीब 10 बजे परमिश के पहुंचते ही दर्शकों ने झूमना शुरू कर दिया। वह सोफे पर खड़े हो गए। पुलिस को उन्हें संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ले चक्क मैं आ गया... समेत अन्य गीतों की प्रस्तुति देकर उन्होंने देर रात तक दर्शकों को झुमाया।
ताज महोत्सव में पंजाबी नाइट में गायक परमिश वर्मा की प्रस्तुति
ताज महोत्सव में सोमवार शाम फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्राउंड में डॉ. मालविका हरिओम ने अवधी लोक गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने नकता, सोहर और होली गीत सुनाए। दर्शकों को शाम से इंतजार पंजाबी गायक परमिश वर्मा की प्रस्तुति का था। पंजाबी गीतों के धूम-धड़ाके में दर्शक उनके साथ झूमते रहे। उन्होंने ले चक्क मैं आ गया..., गाल नी कढनी..., सब फाड़े जांगे..., सादगी..., चिर्री उड़ का उड... समेत अन्य गीत सुनाकर उन्होंने दर्शकों को खूब झुमाया।
तालियाें की गड़गड़ाहट के मध्य सीटियां गूंजती रहीं
तालियाें की गड़गड़ाहट के मध्य सीटियां गूंजती रहीं। इससे पूर्व नोएडा से आईं डॉ. अनु सिन्हा ने अंशिका भदौरिया और अभिनव आनंद के साथ कथक प्रस्तुत किया। एकता जैन ने कालबेलिया और छत्रपति शिवाजी पर नृत्य प्रस्तुति दी। मान्या अरोड़ा और सौम्या श्रीवास्तव ने कथक प्रस्तुत किया। पंजाबी लोक नृत्य भांगड़ा की मोहक प्रस्तुति हुई।
सोफे टूटे, नहीं चले पास
परमिश वर्मा की प्रस्तुति के दौरान दर्शक दीर्घा में पीछे की तरह बिछे साेफों पर दर्शक चढ़ गए। अधिक वजह की वजह से तीन-चार सोफे टूट गए। दर्शकों के पास स्थित वीआईपी पास भी पंजाबी गायक की प्रस्तुति में काम नहीं आ सके। पुलिस ने वीआईपी दीर्घा में शाम से ही सख्ती दिखाई। पुलिस ने पासधारकों को रोक लिया, जिस पर वह बहस करते नजर आए।  |
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