करण सिंघल ने ओपन एआई नाम से हेल्थ टीम बनाई, जिसमें 260 डॉक्टर्स के साथ मिलकर चैटजीपीटी फॉर हेल्थकेयर तैयार किया। ये टीम लोगों को सही सलाह और इलाज देने के लिए बनाई गई।
दुनियाभर से रोजाना करीब चार करोड़ लोग इनसे कंसल्ट करते हैं। ये यूनिट लोगों के मेडिकल रिकॉर्ड को भी अपलोड करने की सुविधा देती है, जिससे सही बीमारी का विश्लेषण किया जाता है।
किरण मुसुनुरु ने जीन थेरेपी एक्सपर्ट डॉ. रेबेका निक्लास के साथ मिलकर कस्टमाइज क्रिस्पर तकनीक से बच्चों की दुर्लभ जेनेटिक बीमारियों के इलाज की खोज की।
किरण मुसुनुरु का फोकस जन्मजात जीन म्यूटेशन सुधारने पर है। इनकी खोज की वजह से वक्त पर इलाज मिलने से बीमारी का असर कम हो जाता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो रही है।