सदर बाजार के समीप नगर निगम गुरुग्राम द्वारा सीवर लाइन का काम चल रहा।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। नोएडा में में हुए हादसे के बाद भी जिम्मेदार विभाग नहीं जागे हैं। शहर में अभी भी सीवर, पेयजल लाइनों के लिए खोदाई और बरसाती नालों के निर्माण में सुरक्षा इंतजाम के प्रबंध नहीं किए जा रहे हैं। बैरिकेडिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ती की जा रही है, जिससे आम राहगीरों और वाहन चालकों की जान खतरे में पड़ी हुई है।
पुराना दिल्ली रोड पर सीवर लाइन डालने का काम गुरुग्राम मेट्रोपालिटन डेवलपमेंट अथारिटी (जीएमडीए) की ओर से कराया जा रहा है। यहां सड़क के बीचोंबीच गहरी खोदाई की गई है, लेकिन जिस दिशा से वाहन आ रहे हैं, उस तरफ बैरिकेड्स तक नहीं लगाए गए। कुछ बैरिकेड्स सड़क के किनारे दूर-दूर रख दिए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को समय रहते गड्ढे का अंदाजा नहीं लग पाता और कभी भी कोई वाहन सीधे गहरे गड्ढे में गिर सकता है।
इसी तरह सोहना चौक पर सदर बाजार के समीप नगर निगम गुरुग्राम द्वारा सीवर लाइन का काम चल रहा है। यहां भी सड़क पर बड़ा गड्ढा खोदा गया है, लेकिन न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। बाजार क्षेत्र होने के कारण यहां दिनभर भारी आवाजाही रहती है। पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए यह जगह बेहद खतरनाक बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय अंधेरे में खतरा और बढ़ जाता है।
चेतावनी बोर्ड न बेरिकेडिंग
शहर में इन दिनों कई स्थानों पर बरसाती नालों और सीवर लाइनों की खुदाई का काम चल रहा है। बावजूद इसके, सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। न रेडियम बैरिकेड्स लगाए गए हैं, न चेतावनी बोर्ड और न ही रात में पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो बड़ा हादसा हो सकता है।
तीन दिन पहले हो चुका हादसा
तीन दिन पहले सेक्टर 84 में सड़क के बीच खोदे गए नाले में रोड़ी से भरा एक ट्राला गिर गया था। गनीमत यह रही कि उस समय कोई अन्य वाहन या राहगीर चपेट में नहीं आया। इससे बड़ा हादसा हो सकता था। यहां भी जीएमडीए की ओर से कोई पुख्ता बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद धीमी गति से ड्रेन निर्माण कार्य चल रहा है। इसके कारण प्रतिदिन ट्रैफक जाम लग रहा है।
सुरक्षा इंतजाम करने के दिए निर्देश
जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर में चल रहे कार्यों की बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जीएमडीए की इंफ्रा वन और टू के अधिकारियों को इन प्रबंधोंं की साप्ताहिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा है। अगर कहीं लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के साथ जिम्मेदार अधिकारी पर भी कार्रवाई की जाएगी। |
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