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रामपुरी चाकू का जलवा, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज; अफशान रजा खान ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान

LHC0088 2026-1-13 10:57:28 views 1262
  

रामपुरी चाकू।



जागरण संवाददाता, रामपुर। जानी यह रामपुरी चाकू है ..., पुरानी हिंदी फिल्मों में यह डायलॉग अक्सर सुनने को मिलता था। इसकी चमक बनाए रखने को चाकू चौक पर बने खूबसूरत 20 फीट लंबे चाकू का नाम सात जनवरी को एशिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज हो गया है।
इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान रामपुर के अफशान रजा खान ने दिलाकर एक बार फिर जनपद का नाम रोशन करने के साथ रामपुरी चाकू की धार को चर्चा में ला दिया है। अफशान खान ने वर्ष 2022 में दुनिया का सबसे बड़ा चाकू बनाया था। 2023 में इसका उद्घाटन होने के बाद चौराहे का नाम “चाकू चौराहा” हो गया है। यहां बने चाकू की लंबाई 20 फीट और चौड़ाई तीन फीट है।
एशिया बुक आफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ रामपुरी चाकू

चाकू को स्टील, ब्रास और दूसरे खास किस्म के मेटल्स से बनाया गया है। साथ ही इसमें रबर स्टील जोकि शॉक प्रूफ स्टील होता है, से बनाया गया है, ताकि इस पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़े। इसमें जंक नहीं लगेगी और इसकी चमक बनी रहेगी। मौसम का भी इस पर कोई असर नहीं होगा। इसका वजन 8.5 क्विंटल है। अफशान खान ने बताया कि सात जनवरी 2026 को इस चाकू को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई है। एशिया बुक आफ रिकार्ड में इसका नाम दर्ज होना रामपुर के लिए गर्व की बात है। रविवार को इसका सर्टिफिकेट आ गया है।
प्रमाण पत्र में ये लिखा है

उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी कलाकार अफशान रजा खान ने सबसे बड़े खंजर की स्थापना का रिकॉर्ड बनाया है। 2022 में, आर्टिज्म स्टूडियो-13 के संस्थापक अफशान रजा खान ने प्रतिष्ठित रामपुरी चाकू को विश्व का सबसे बड़ा खंजर बनाया। 20 फीट ऊंची यह विशाल मूर्ति चाकू चौक के नाम से प्रसिद्ध एक पहचान बन गई है। सात जनवरी, 2026 को पुष्टि की गई कि इस स्थापना का उ‌द्देश्य रचनात्मकता और नवाचार की सीमाओं को आगे बढ़ाते हुए सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना था।
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