जागरण संवाददाता, शामली। विदेश में नौकरी, अच्छा वेतन के सपने दिखा फर्जी एजेंट युवाओं को जाल में फंसा रहे है और विदेश भेजकर वहां उनसे ठगी कराई जाती है। इसके अलावा कुछ लोगों को जेल में बंद कराकर यातनाएं दिलाई जाती है। इसके बाद रुपये लेकर वापस भेजा जाता है।
जिले में पिछले एक महीने में आठ लोगों से विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी के मामले सामने आने के बाद पुलिस ने फर्जी कार्यालय बंद कराने और फर्जी एजेंटों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
शामली के चौसाना क्षेत्र के गांव कई गांवों, थानाभवन, कांधला, कैराना और जलालाबाद में यह खेल बड़े स्तर पर चल रहा है। जबकि कुछ इंस्टाग्राम और टेलीग्राम से ही कार्य कर रहे है। इनमें अधिकतर लोगों के बाद विदेश मंत्रालय से विदेश भर्ती लाइसेंस भी नहीं है।
इसके बावजूद अवैध रूप से यह कार्य बड़े स्तर पर संचालित किया जा रहा है। लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद एसपी एनपी सिंह ने इस पर संज्ञान लिया। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि जो भी अवैध सेंटर संचालित है उन्हें बंद कराया जाएगा और इंस्टाग्राम, टेलीग्राम के जरिए अवैध रूप से एजेंटी करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने युवाओं से भी अपील की है कि वह किसी भी फर्जी एजेंट के संपर्क में न जाए और न ही विदेश में नौकरी के नाम पर किसी व्यक्ति को रुपये दें। एसपी ने बताया कि पिछले दिनों दो एजेंट हरियाणा के यमुनानगर निवासी रवि खान और गुजरात निवासी जतिन के खिलाफ एक पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
तीन लाख में सिंगापुर, रूस और जर्मनी भेजने का देते है लालच
इंस्टाग्राम पर प्रसारित वीडियो में शामली के कई एजेंट इंस्टाग्राम पर ही कार्य कर रहा है। वह तीन लाख रुपये में जर्मनी, रूस और सिंगापुर भेजने के लिए तीन लाख रुपये लेते है। यहां से जाने के दौरान टूरिस्ट वीजा पर भेजा जाता है और विदेश पहुंचने के बाद उन्हें वर्क वीजा देने की बात कहीं जाती है, लेकिन वर्क वीजा नहीं मिलता और कार्य करते हुए पुलिस पकड़ लेती है।
शामली में छह लोगों से लाखों की ठगी
शामली में पिछले दो महीने में आठ मामले सामने आए है। जिसमें आठ युवकों को रुपये लेकर अलग-अलग स्थानों पर नौकरी के लिए भेजा गया। गढ़ीपुख्ता निवासी युवक शशांक धीमान ने कांबोडिया ले जाकर ठगी कराई गई। जबकि माजरा रोड निवासी कुमार सोनित को रूस में मीट प्लांट में नौकरी कराई गई।
चार दिनों तक भूखा रखा और वेतन भी नहीं दिया गया। इसके बाद रूस पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में पीड़ित फाइन देकर वापस लौटा। वहीं, शामली, कांधला निवासी छह युवकों को विदेश में नौकरी के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी की गई। दो युवक विदेश पहुंच गए थे, लेकिन वीजा टूरिस्ट होने के कारण वापस लौटे।
इंस्टाग्राम, टेलीग्राम के जरिए संपर्क करने के बाद विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी की घटनाएं सामने आई है। युवाओं को पहले एजेंट का लाइसेंस चैक करना चाहिए। अवैध रूप से कार्य करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दो एजेटों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है उनकी तलाश जारी है।
-नरेन्द्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक |