रिजल्ट में सुधार करवाने पहुंच में छात्र। जागरण
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । एलएस कालेज की छात्रा प्रीती कुमारी रिजल्ट में सुधार के लिए दो वर्ष से दौड़ लगा रही हैं। सोमवार को छात्र संवाद में पहुंचकर कहा कि उनका पीजी का सत्र 2021-23 है।
पीजी फर्स्ट सेमेस्टर के इतिहास में सीसी-थ्री में उन्हें 17 अंक मिले। इससे असंतुष्ट होकर जब आरटीआइ के तहत उत्तर पुस्तिका की छायाप्रति प्राप्त की और परीक्षकों की ओर से मूल्यांकित प्रश्नों का अंक जोड़ा तो कुल प्राप्तांक 41 थे।
छात्रा ने बताया इससे पहले कई बार वह विश्वविद्यालय व परीक्षा विभाग का चक्कर लगा चुकी हैं। छात्र संवाद में भी पिछले वर्ष कापी की छायाप्रति उपलब्ध कराई, लेकिन समाधान नहीं हो सका। पीजी का रिजल्ट पेंडिंग होने से कई प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं। उनकी पढ़ाई भी बाधित है। वह रक्सौल से लगातार विश्वविद्यालय पहुंच रही हैं।
छात्रा की शिकायत पर जब रिकार्ड देखा गया तो पता चला कि इसे 19 जून को ही पीजी विभाग में भेज दिया गया था, लेकिन अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि मामला स्क्रूटनी कमेटी से संबंधित है। ऐसे में अधिकारियों ने अगली बोर्ड की बैठक में इसे रखकर निर्णय लिया जाएगा।
छात्रा ने आरोप लगाया कि रिजल्ट में सुधार नहीं होने से वह मानसिक रूप से पीड़ित महसूस कर रही हैं। डिप्टी कंट्रोलर डा.रेणुबाला व गेस्ट हाउस इंचार्ज डा.अमर बहादुर शुक्ला ने छात्रा की समस्या सुनी और कहा जल्द ही इसका समाधान होगा।
छात्र संवाद में करीब दर्जनभर छात्र-छात्राएं विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचीं। इसमें अधिकतर समस्या रिजल्ट सुधार व अन्य से संबंधित थी। नीतीश्वर सिंह डिग्री महाविद्यालय की स्नातक की छात्रा अनिता कुमारी ने कहा उसका रिजल्ट पेंडिंग है।
केंद्राधीक्षक की ओर से मेमो नहीं दिया जा रहा है। वहीं के छात्र सत्यम कुमार सिंह ने टीडीसी पार्ट वन की स्पेशल परीक्षा कराने की मांग की है। ऋषिकेश रंजन ने कहा पिछले वर्ष डिग्री के लिए आवेदन किया था। अब तक डिग्री नहीं मिली।
डिप्टी कंट्रोलर ने डिग्री से संबंधित समस्याओं को सुना। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आवेदन जमा कराए। छात्र संजीत कुमार चौबे ने कहा उसे स्नातक की डिग्री की जरूरत है। एलएलबी की पढ़ाई की है।
डिग्री नहीं होने से बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं। डिप्टी कंट्रोलर ने कहा कई बार रिजल्ट पेंडिंग होने पर भी डिग्री नहीं बनती है। उन्होंने छात्र को आवेदन पर फोन नंबर लिखने को कहा ताकि उसे अपडेट जानकारी दी जाए। |
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