डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। व्यापार मेले में मिलने वाली 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट को लेकर इस बार परिवहन विभाग ने कड़े और नए नियम लागू कर दिए हैं। अब मेले में बिकने वाली हर गाड़ी का फोटो वाहन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। यह फोटो उस समय लिया जाएगा, जब आरटीओ कार्यालय के बाहर वाहन का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
इसके अलावा वाहन डीलरों को निर्माता कंपनी से जारी 16-ए सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत करना होगा, जिसे परिवहन विभाग में जमा किया जाएगा। इस प्रमाण पत्र का अर्थ है कि संबंधित डीलर निर्माता कंपनी द्वारा अधिकृत (ऑथराइज्ड) है। आमतौर पर यह सर्टिफिकेट नई डीलरशिप के समय लिया जाता है, लेकिन इस बार इसे व्यापार मेले के लिए भी अनिवार्य कर दिया गया है।
लग्जरी कार कंपनियों की भागीदारी पर संशय
नए नियमों के चलते इस बार कई बड़ी लग्जरी वाहन कंपनियों जैसे बीएमडब्ल्यू और ऑडी के व्यापार मेले में भाग न लेने की संभावना जताई जा रही है। अब तक इन कंपनियों की ओर से ट्रेड सर्टिफिकेट के लिए आवेदन भी नहीं किया गया है। परिवहन विभाग की शर्तों में वर्कशॉप की अनिवार्यता के साथ 16-ए सर्टिफिकेट शामिल होने से इन कंपनियों के लिए नियमों का पालन करना चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है।
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200 करोड़ तक के राजस्व पर असर की आशंका
जानकारी के अनुसार व्यापार मेले में हर साल लग्जरी वाहन कंपनियों की ओर से करीब पौने 200 गाड़ियां बिकती हैं, जिससे लगभग 200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। यदि इस बार ये कंपनियां मेले से बाहर रहती हैं, तो वाहन बिक्री से होने वाले राजस्व में करीब 200 करोड़ रुपये तक की गिरावट आने की आशंका है।
नए नियमों से जहां पारदर्शिता और निगरानी बढ़ेगी, वहीं इसका सीधा असर व्यापार मेले की रौनक और वाहन कारोबार पर भी पड़ सकता है।
शासन से इस बार कुछ शर्त ट्रेड को लेकर आईं हैं, जिसमें वाहन पोर्टल पर वाहन का फोटो अपलोड किया जाएगा। इसके साथ ही वाहन निर्माता कंपनियों से 16-ए सर्टिफिकेट डीलरों को देना होगा। लग्जरी वाहन कंपनियों की ओर से अभी ट्रेड सर्टिफिकेट के लिए आवेदन नहीं मिले हैं। - विक्रमजीत सिंह कंग आरटीओ, ग्वालियर |