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दोषी सिंहराज को लेकर जाती पुलिस।
दीपक पांडेय, फरीदाबाद। तीन नाबालिग सहित छह हत्याएं करने वाला साइको किलर सिंहराज को एक मामले में दोषी पाया गया है। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की कोर्ट अब 21 जनवरी को इस साइको किलर को सजा सुनाएगी।
दोषी को यह सजा भूपानी में रहने वाली एक युवती के हत्या के मामले में सुनाई जाएगी। मामले के अनुसार यह युवती सिंहराज को छेड़खानी करने की बात सभी को बताने की कह कर ब्लैकमेल कर रही थी, इसलिए सिंहराज ने उसकी हत्या कर दी थी। और इसी युवती की काॅल डिटेल के आधार पर ही सिंहराज पकड़ा गया था। दोषी पर अलग-अलग कोर्ट में पोक्सो के तीन और मामले चल रहे हैं।
यह था मामला
दो जनवरी 2022 को ओल्ड फरीदाबाद थाने में युवती की गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें भूपानी में रहने वाली पूनम ने बताया था कि उसकी भांजी ओल्ड फरीदाबाद मार्केट गई थी, लेकिन वहां से वापस नहीं आई। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू की तो युवती के फोन की काॅल डिटेल में अंतिम काॅल सिंहराज नामक व्यक्ति का पाया गया।
पुलिस ने इस आधार पर ही जसाना के रहने वाले 58 साल के सिंहराज को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। सिंहराज सेक्टर-16 स्थित एक निजी अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। सिंहराज ने कबूला कि उसने ही गुमशुदा हुई युवती की हत्या की है।
उसने युवती के साथ छेड़खानी की थी। जिसको लेकर युवती उसको लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। इसी से गुस्से में आकर उसने 31 दिसंबर को युवती को फोन करके सेक्टर-17 के पास बुलाया और वहां पर गला दबाकर हत्या कर दी व शव को आगरा नहर में फेंक दिया। पुलिस ने सिंहराज की निशानदेही पर युवती का शव सेक्टर-17 में नहर के पास झाड़ियों से बरामद किया था। युवती का शव नहर में गिरने की बजाय झाड़ियों में फंसा गया था।
तीन नाबालिग की हत्याओं की भी बात कबूली
पुलिस रिमांड के दौरान गुमशुदगी के कुछ अन्य मामलों में सिंहराज से पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि उसने 2019 में चाय की रेहड़ी लगाने वाले की नाबालिग बच्ची की छेड़खानी का विरोध करने पर हत्या की थी।
इसके बाद अगस्त-2020 में 12 साल की लड़की की अस्पताल में ही छेड़खानी का विरोध करने पर हत्या की और फिर जून-2021 में उसने अस्पताल में सफाई करने वाली नाबालिग की छेड़खानी का विरोध करने पर तीसरी हत्या की थी।
हत्या के बाद तीनों के शव आगरा नहर में ही फेंक दिए थे। सिंहराज ने 1987 में ही अपने चाचा और चचेरे भाई की भी हत्या की बात भी कबूल की थी, पर इन दोनों मामलों में साक्ष्यों के अभाव में छूट गया था।
मामले में 26 गवाह हुए पेश, काॅल रिकाॅर्डिंग की बनी अहम सबूत
भूपानी वाली युवती की हत्या के मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी कर रहीं उपजिला न्यायवादी रेखा जेएस जांगड़ा ने बताया कि मामले में कुल 26 गवाह पेश हुए। मामले में कोई भी चश्मदीद गवाह नहीं था, जिसने दोषी को युवती को मारते हुए या नहर में फेंकते हुए देखा हो। लेकिन मामले में फोन की काल रिकाॅर्डिंग ही अहम सबूत बनी।
दोषी ने युवती की हत्या करने के बाद उसकी नानी के पास आडियो मैसेज भेजा था, जिसमें उसने कहा कि उसने उसकी नातिन की हत्या कर दी है।इन्हीं परिस्थितिजनक साक्ष्यों को आधार मानकर साइको किलर सिंहराज को अब अदालत ने दोषी ठहराया है।
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