
MBBS Abroad NMC Rules: विदेश में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी खबर है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने बैचलर ऑफ साइंस (BS) कोर्सेज की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स के लिए नियमों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। NMC का ये आदेश उन स्टूडेंट्स को एक बार की राहत मुहैया कराता है, जो 2021 में जारी हुए 〴रेन मेडिकल ग्रेजुएट लाइसेंशिएट✩FMGL) रेगुलेशन के लागू होने के बाद इसके नियमों के चलते डिग्री की वैल्यू को लेकर असमंजस में फंस गए थे।दरअसल, विदेश में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को भारत में प्रैक्टिस के लिए FMGL रेगुलेशन के तहत एक स्क्रीनिंग टेस्ट देना पड़ता है। इस टेस्ट में पास होने पर ही प्रैक्टिस की इजाजत मिलती है। हर साल हजारों की संख्या में भारतीय विदेश में मेडिकल डिग्री लेने जाते हैं। स्क्रीनिंग टेस्ट में बैठने की इजाजत तभी मिलती है, जब स्टूडेंट ने NEET क्वालिफाई किया है और फिर विदेश में जाकर NMC की गाइडलाइंस का पालन करने वाले संस्थान से डिग्री हासिल की है। ये स्क्रीनिंग टेस्ट काफी अहम होता है। NMC ने 7 दिसंबर 2023 को जारी अपने सार्वजनिक नोटिस को लेकर संशोधन आदेश जारी किया है। ये उन छात्रों से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने विदेशी यूनिवर्सिटी में बैचलर ऑफ साइंस (BS) कोर्स में एडमिशन लिया था या जो 18 नवंबर 2021 को FMGL रेगुलेशन 2021 के जारी होने से पहले ऑनलाइन या फिजिकल तौर पर पढ़ाई कर रहे थे। NMC ने साफ कर दिया है कि अब इन स्टूडेंट्स को भी स्क्रीनिंग टेस्ट रेगुलेशन 2002 के तहत 〴रेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन✩FMGE) देना पड़ेगा, जो विदेश से पढ़कर आए मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए भारत में प्रैक्टिस के लिए होने वाला एक स्क्रीनिंग टेस्ट है।हालांकि, इन स्टूडेंट्स को अब भारत में एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप भी करनी होगी, ताकि उन्हें पर्याप्त क्लीनिकल ट्रेनिंग मिल पाए और वे मेडिकल एजुकेशन एंव प्रैक्टिस के स्टैंडर्ड नियमों का पालन कर सकें। NMC ने सभी मेडिकल कॉलेजों और इंस्टीट्यूट को ये आदेश भेज दिया है। NMC के आदेश में कहा गया है, ❇नवंबर, 2023 के सार्वजनिक नोटिस और उसके बाद के स्पष्टीकरणों से जुड़े नियमों में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। ये छूट केवल BS करने वाले छात्रों के लिए एक बार ही लागू होगी।〱शनल मेडिकल कमीशन का ये स्पष्टीकरण सिर्फ उन्हीं स्टूडेंट्स पर लागू होता है, जो BS कोर्सेज की पढ़ाई कर रहे हैं। फिलीपींस जैसे देशों में मेडिकल कोर्स में दाखिले से पहले प्री-मेडिकल शर्त के तौर पर BS करना अनिवार्य होता है। नियम के दायरे में वे सभी स्टूडेंट्स आएंगे, जिन्होंने 18 नवंबर 2021 से पहले एडमिशन लिया था। आमतौर पर 2021 के बाद एडमिशन लेने वाले छात्रों को FMGL रेगुलेशन 2021 के तहत 54 महीने की पढ़ाई करना जरूरी होता है। फिर उन्हें इंटर्नशिप भी करनी पड़ती है। हालांकि, नए आदेश के बाद योग्य स्टूडेंट्स को पुराने स्क्रीनिंग टेस्ट रेगुलेशन 2002 के दायरे में लाया गया है। ये एक बार मिलने वाली छूट है। इसका मतलब है कि NMC स्टूडेंट की डिग्री को मान्यता दे रही है, जबकि वह 2021 में लागू FMGL रेगुलेशन के तहत भी नहीं है। NMC का कहना है कि योग्य स्टूडेंट्स को सिर्फ भारत में इंटर्नशिप करनी होगी। इसके बाद यहां प्रैक्टिस के लिए उन्हें FMGE एग्जाम पास करना होगा। इस तरह उनके लिए भारत में जॉब का रास्ता खुल जाएगा। |