प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बदायूं। गंगा एक्सप्रेस-वे बन कर पूरी तरह से तैयार है।अब फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद इस पर ट्रायल शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। बदायूं में सभी इंटरचेंज, टोल, लाइट और डिवाइडर आदि सभी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। अब ट्रायल शुरू होने से पहले इस गंगा एक्सप्रेस-वे की हर छोटी मोटी खामी को दूर किया जा रहा है।
सड़क किनारे की मिट्टी हटाई जा रही है। निर्माण सामग्री को हटाया जा रहा है। इसके अलावा सभी इंटरचेंज के मार्ग को तैयार किया जा रहा है। अभी कुछ हिस्से में सर्विस रोड पर काम चल रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किमी के गंगा एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा 95 किमी का हिस्सा बदायूं में ही आता है।
इसके सबसे अधिक तीन इंटरचेंज भी किसी जिले को मिले हैं तो वह भी बदायूं ही है। यह तीनों इंटरचेंज बिनावर में घटपुरी, वजीरगंज वनकोटा और दातागंज में पापड़ में बनाए गए हैं। करीब चार साल से जिले के 95 किमी क्षेत्र में चल रहे एक्सप्रेस-वे के कार्य को पूरा कर लिया गया है।
अब एक्सप्रेस-वे शुरू कराए जाने की तैयारी चल रही हैं। एक्सप्रेस-वे पर काम कर रही एचजी इंफ्रा कंपनी के लोगों का कहना है कि इस पर संचालन शुरू होने से पहले यहां कम से कम 10 से 12 दिन का ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल पूरा होने के बाद ही इस पर संचालन किया जा सकेगा। अब तक ट्रायल और संचालन शुरू होने की कोई निश्चित तिथि नहीं है।
बताया जा रहा है कि 15 फरवरी के बाद कभी भी ट्रायल हो सकता है। इसका पहला ट्रायल मेरठ से बदायूं तक ही कराया जाना प्रस्तावित बताया जा रहा है। इसके चलते एचजी इंफ्रा के कर्मी एक्सप्रेस-वे पर शेष बचे सभी कार्य पूरे कराने में जुटे हैं। बताते हैं कि इस पर टोल, लाइटिंग, सड़क निर्माण आदि सभी काम पूरे हो गए हैं।
कुछ हिस्से में सर्विस रोड पर काम चल रहा है। वह भी इसी सप्ताह पूरा हो जाएगा। बता दें कि गंगा एक्सप्रेस-वे के संचालन को लेकर जिले के लोग खासे उत्साहित दिख रहे हैं। लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि कब इस पर वाहन दौड़ेंगे।
तीनों इंटरचेंज के पास औद्योगिक गलियारा प्रस्तावित
गंगा एक्सप्रेस-वे के तीनों इंटरचेंज के पास औद्योगिक गलियारा भी प्रस्तावित है। इन तीनों औद्योगिक गलियारा के बनने के बाद जिले के विकास को गति मिलेगी। बताते हैं कि कई कंपनियां यहां उद्योग स्थापित करने की इच्छुक हैं और वह अभी से संपर्क कर रही हैं।
इन इंटरचेंज के दोनों ओर औद्योगिक इकाइयों, वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, लाजिस्टिक हब और लघु उद्योगों को स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है। इसके अलावा कई जगह भूमि अधिग्रहित भी की जा चुकी है। औद्योगिक गलियारा बन जाने और यहां इकाइयों के स्थापित होने से जिले के युवाओं व कामगारों को भी काफी लाभ मिलेगा।
आंकड़ों का विश्लेषण और महत्व
95 किमी का सफर: बदायूं में एक्सप्रेस-वे की यह लंबाई न केवल जिले को कनेक्टिविटी देती है, बल्कि यह मेरठ और प्रयागराज के बीच एक महत्वपूर्ण \“मिड-वे\“ स्टॉप भी बनेगा।
3 इंटरचेंज का लाभ: आमतौर पर एक जिले में 1 या 2 इंटरचेंज होते हैं, लेकिन बदायूं को 3 इंटरचेंज मिले हैं। इसका मतलब है कि जिले के किसी भी कोने से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ना आसान होगा।
औद्योगिक गलियारा (Industrial Corridor): शासन की योजना इन तीनों इंटरचेंज के पास वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने की है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
रामगंगा पर विशाल पुल: बदायूं खंड में ही रामगंगा नदी पर करीब 720 मीटर लंबा पुल बनाया गया है, जो इस इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट का एक बड़ा हिस्सा है।
गंगा एक्सप्रेस-वे के संचालन या ट्रायल को लेकर अब तक कोई तारीख नहीं मिली है। इस पर काम पूरा हो चुका है। शासन से ही इसके लिए तिथियां जारी की जाएंगी।
- अवनीश राय, डीएम
गंगा एक्सप्रेस-वे पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कुछ हिस्से में सर्विस रोड पर काम चल रहा है। उसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा। ट्रायल फरवरी में हो सकता है।
- दुलीचंद्र, असिस्टेंट मैनेजर, एचजी इंफ्रा
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