जागरण संवाददाता, भागलपुर। गंगा नदी के किनारे भवन निर्माण कराने वाले गृहस्वामी अब नगर निगम प्रशासन के रडार पर आ गए हैं। अगर, उनके मकान अवैध पाए जाएंगे तो निगम उन्हें ध्वस्त करवा देगा।
नाथनगर से बरारी तक कई लोग निगम से नक्शा स्वीकृत कराए बिना ही भवन निर्माण करा रहे हैं। पूर्व में लोगों के ऐसे क्रियाकलापों पर निगम की कार्रवाई सुस्त थी। लेकिन नवनियुक्त नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा अवैध निर्माण के मामले को गंभीरता से ले लिया है।
सोमवार को पटना से भागलपुर लौटने के क्रम में मानिक सरकार घाट पर नगर आयुक्त पहुंचे। उन्होंने योजना शाखा व अभियंताओं की पूरी टीम को निरीक्षण स्थल पर बुलाया। घाट के निरीक्षण क्रम में नदी तट पर पांच- छह लोगों द्वारा भवन बनाने के लिए नींव डालने का कार्य करने की जानकारी मिली।
इस पर उन्होंने उन भवनों के नक्शा संबंधी जांच का निर्देश दिया। उसके बाद अवैध निर्माण शाखा व टाउन प्लानर ने देर शाम पांच लोगों को नोटिस भेज दिया है। उनसे तीन दिनों के अंदर भवन नक्शा की स्वीकृति संबंधी दस्तावेज की मांग की गई है।
अगर वे मानक के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे तो निगम उन्हें ध्वस्त करने का निर्देश देगा। वहीं शहरी क्षेत्र में बेसमेंट का व्यावसायिक उपयोग करने वालों का सर्वे कार्य भी जारी है। अब तक दो दर्जन से अधिक भवनों की जांच की गई है।
इसकी रिपोर्ट भी नगर आयुक्त को सौंपी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें नोटिस भेजने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। औचक निरीक्षण के क्रम में नगर आयुक्त ने मानिक सरकार पर कटाव स्थल का भी जायजा लिया।
उसमें उन्होंने कार्यपालक अभियंता को तीन दिनों के अंदर मिट्टी जांच कर गार्डवाल निर्माण का प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया। यहां सड़क निर्माण के साथ गार्डवाल के निर्माण से स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। |
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