रूस के कामचटका में हुई भीषण बर्फबारी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस के कामचटका में हुई भीषण बर्फबारी ने जन-जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। राजधानी पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की में सड़कों की हालत बहुत खतरनाक बनी हुई है, क्योंकि पिछले हफ्ते बर्फबारी, ओले और जबरदस्त हवा ने इस इलाके को तहस-नहस कर दिया। यहां पर हालातों को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
कामचटका के गवर्नर व्लादिमीर सोलोडोव ने एक आपातकालीन बैठक में कहा कि शहर की सड़कों पर स्थिति गंभीर है। मैंने सभी मुख्य सड़कों को साफ करने और सामान्य यातायात बहाल करने के लिए 21 जनवरी तक की समय सीमा तय की है।
बर्फबारी से दो बुजुर्गों की मौत
गुरुवार को पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की में दो बुजुर्गों की बर्फ गिरने से मौत के बाद शहर के अधिकारियों ने आपातकाल की घोषणा की। मेयर ने उनकी मौत के लिए प्रॉपर्टी मैनेजमेंट कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया, जिन पर उन्होंने समय पर बर्फ हटाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
पहली बार हुई इतनी बर्फबारी
उत्तरी जापान के तट पर स्थित ओखोटस्क सागर में बनने वाले कई कम दबाव वाले सिस्टम पिछले हफ्ते कामचटका और सुदूर पूर्वी रूस के अन्य हिस्सों में फैल गए, जिससे तेज हवाएं और भारी बर्फबारी हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जनवरी की शुरूआत से कामचटका में हुई बर्फबारी का स्तर ऐसा था जो आधी सदी पहले रिकॉर्ड रखना शुरू होने के बाद नहीं देखा गया है।
सड़क पर जमी 8 फीट बर्फ
पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की में दिसंबर महीने में भी औसत से तीन गुना ज्यादा बर्फबारी हुई, दबकि 1 से 16 जनवरी के बीच औसत से 150 फीसदी ज्यादा बर्फबारी हुई। शहर में बर्फ की औसत ऊंचाई 5.5 फीट तक पहुंच गई, जबकि कुछ इलाकों में बर्फ के ढेर 8 फीट से ज्यादा हो गए।
Exoplanet...
Kamchatka. After a snow storm, people are sliding down from the fourth floor. pic.twitter.com/BMGqsNj5wn — Black Hole (@konstructivizm) January 19, 2026
जल्द से जल्द स्कूल खोलने के आदेश
गवर्नर सोलोडोन ने पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की में स्कूलों को जल्द से जल्द फिर से खोलने का आदेश दिया है। उन्होंने शहर के अधिकारियों से यह भी कहा कि जब पूरी तरह से सामान्य स्थिति घोषित नहीं हो जाती, तब तक भोजन और ईंधन की आपूर्ति की आवाजाही पर मैन्यूअल रूप से नजर रखें।
चट्टानों के पास से न गुजरें- गवर्नर
सोलोडोव ने चेतावनी दी है कि इमारतों की छतों से लटकने वाली बर्फ की चट्टानें पास से गुजरने वाले लोगों के लिए खतना बनी हुई हैं, जबकि पोल्याकोवा ने कहा कि लंबे समय तक बर्फबारी के कारण कई रिहायशी इलाकों में हिमस्खलन का खतरा पैदा हो गया है।
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