बादली और बवाना के औद्योगिक क्षेत्र में दो कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) स्थापित किया जाएगा।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए मंगलवार को निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बादली और बवाना के औद्योगिक क्षेत्र में दो कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। जिससे एक ही छत के नीचे ऐसी सुविधाएं मुहैया होगी, जिन्हें व्यक्तिगत रूप से खरीदना छोटे उद्यमियों के लिए मुमकिन नहीं होता।
इन केंद्रों के माध्यम से सूक्ष्म और लघु उद्योगों को साझा मंच प्रदान किया जाएगा, जहां छोटे उद्यमी बिना किसी भारी निवेश के आधुनिक मशीनों, टेस्टिंग लैब और ट्रेनिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपये है, जिसमें प्रत्येक सेंटर पर 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दिल्ली के छोटे और सूक्ष्म उद्योगों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अक्सर छोटे उद्यमी भारी निवेश न कर पाने के कारण आधुनिक तकनीक और महंगी मशीनों का उपयोग नहीं कर पाते। कामन फैसिलिटी सेंटर उनकी इस समस्या को जड़ से खत्म कर देंगे और इससे उन्हें कारोबार करने में सहूलियत भी बढ़ेगी।
यह परियोजना केंद्र सरकार की सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम (एमएसई-सीडीपी) योजना के तहत लागू की जा रही है। सीएफसी के माध्यम से श्रमिकों के कौशल, तकनीकी प्रशिक्षण और उत्पाद गुणवत्ता सुधार की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही, पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कामन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट और टिकाऊ तकनीक से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
इन केंद्रों से क्लस्टर की इकाइयों को लागत में बचत होगी, विशेषकर माइक्रो और नई इकाइयों को बड़ा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे न केवल उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और औद्योगिक क्लस्टरों का सतत विकास सुनिश्चित होगा।
यह भी पढ़ें- गणतंत्र दिवस पर कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम? बदला-बदला रहेगा मिजाज, IMD ने जारी किया यलो अलर्ट |
|