IREDA के शेयर में गिरावट थम नहीं रही है. इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने जून तिमाही में कमजोर मुनाफा दर्ज किया है. कंपनी का नेट प्रॉफिट 35.7% गिरकर ₹247 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह ज्यादा था. हालांकि, राजस्व 28.9% बढ़कर ₹1,947 करोड़ हो गया. कंपनी का शेयर एक महीने में -9 फीसदी और जनवरी से अगस्त तक -32 फीसदी टूटा है. वहीं, एक साल में शेयर -41 फीसदी टूट चुका है. वहीं, ज्यादातर निवेशक-Indian Renewable Energy Dev Agency Ltd को लेकर लगातार सवाल पूछ रहे हैं. आइए आपको विस्तार से बताते है.
एक्सपर्ट्स ने सीएनबीसी आवाज़ पर बताया कि शेयर 52 वीक लो है. वहीं, 135 रुपये का स्टॉपलॉस लगाकर 155 रुपये का टारगेट तय किया जा सकता है. एक्सपर्ट्स ने बताया कि कंपनी के तिमाही नतीजे बेहद खराब रहे है. वहीं, एनपीए की टेंशन ने सरदर्द बढ़ाया है.
IREDA के Q1 नतीजे: मुनाफा 35.7% घटा, NPA बढ़ा; Gensol पर फंसा बड़ा कर्ज है.नेट प्रॉफिट: ₹247 करोड़, 35.7% YoY यानी साल दर साल के लिहाज से गिरावट है. आमदनी ₹1,947 करोड़, 28.9% YoY यानी साल दर साल बढ़ोतरी हुई है. ग्रॉस NPA: 4.13% (पिछली तिमाही 2.45%) पर आ गए है. नेट NPA: 2.06% (पिछली तिमाही 1.35%) हो गए है.

टेंशन की असली बात ये हैं कि कुल खर्च 60% YoY बढ़ा, जिससे मार्जिन पर दबाव बढ़ा है. बढ़ती लागत ने मुनाफे पर असर डाला.एक बड़े कर्जदार का अकाउंट आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद Stage II से NPA में शिफ्ट हुआ, जिसकी वैल्यू ₹783 करोड़ है.
Gensol Engineering Ltd. और Gensol EV Lease Pvt Ltd. IREDA के कर्जदार हैं.IREDA का Gensol Engineering में ₹470 करोड़ का लोन एक्सपोजर है, जो अब दिवालिया हो चुकी है.IREDA, Gensol Engineering और उसकी EV लीजिंग शाखा से ₹729 करोड़ की रिकवरी की कोशिश कर रही है.
निवेशकों के लिए संकेत-हालांकि राजस्व में अच्छी ग्रोथ दिखी है, लेकिन खर्चों में तेज़ बढ़ोतरी, NPA का उछाल और बड़े लोन पर डिफॉल्ट जैसी चुनौतियां कंपनी की निकट-भविष्य की वित्तीय सेहत पर दबाव डाल सकती हैं. Gensol केस में रिकवरी की प्रगति निवेशकों के लिए अहम होगी. IREDA शेयर प्राइस टारगेट: बाय-ऑन-डिप्स रणनीति पर जोर देने को कहा है.
Choice Broking के मुताबिक- IREDA शेयर में तेजी की वापसी संभव है. उनका कहना है कि इस Navratna PSU के शेयर में ₹150 और ₹130 पर मजबूत सपोर्ट मौजूद है, इसलिए निवेशकों को ₹150 से ऊपर रहते हुए बाय-ऑन-डिप्स की रणनीति अपनानी चाहिए.
टेक्निकल व्यू:-सपोर्ट लेवल: ₹150 (क्रुशियल), ₹130 (स्ट्रिक्ट स्टॉप लॉस) है और टारगेट: ₹185 का है. लेकिन ₹130 का सख्त स्टॉप लॉस रखते हुए नई खरीदारी करें. ₹150 के ऊपर बने रहने पर रिवर्सल की संभावना.
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