कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले से जुड़े आरोपितों की ओर से दायर याचिका को खारिज किया।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली दंगा मामले से जुड़े आरोपितों की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अदालत परिसर की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान आरोपितों की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने हेड कांस्टेबल सुनील को कोर्ट रूम के बाहर जांच अधिकारी के साथ खड़ा देखा था। आरोप लगाया गया कि जांच अधिकारी संभावित गवाह को आरोपितों की पहचान करवा रहे थे। इसी आधार पर आरोपितों ने सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर और कोर्ट रूम के बाहर की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की।
राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरोपित पहले भी इस तरह के आरोप लगाते रहे हैं। अदालत पूर्व में निर्देश दे चुकी है कि इस तरह की स्थिति से बचने के लिए आरोपित कोर्ट में प्रवेश से पहले अपना चेहरा ढककर आएं, लेकिन बाद में इस निर्देश का पालन नहीं किया गया। अभियोजन पक्ष ने यह भी दलील दी कि किसी गवाह के बयान से पहले उससे बातचीत करना अभियोजन का वैधानिक अधिकार है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीन सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि केवल आरोपों के आधार पर, वह भी बिना किसी शपथपत्र के, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का कोई ठोस कारण नहीं बनता। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 के लिए तय कर दी। |
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