अब तक 3.30 लाख से अधिक नागरिक कर चुके हैं 408 शिविरों में प्रतिभाग। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। उत्तराखंड में सुशासन को जमीन पर उतारने और आम नागरिकों को त्वरित राहत देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रहा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान एक प्रभावी और भरोसेमंद माडल के रूप में उभर कर सामने आया है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को 7876 नागरिकों ने इस अभियान के तहत लगाए जा रहे शिविरों में भागीदारी की।
प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान ने न केवल प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम की है, बल्कि शासन के प्रति जनविश्वास को भी मजबूत किया है। मंगलवार तक राज्य के सभी जिलों में इस अभियान के तहत कुल 408 जनसेवा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। केवल एक दिन में 13 नए शिविरों के आयोजन के साथ सरकार ने अपनी सक्रियता और प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया है। इन शिविरों में अब तक कुल 3,30,461 नागरिकों ने सहभागिता की है।
अभियान के दौरान अब तक 33,529 शिकायत एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 22,675 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। केवल एक दिन में 783 नए प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 502 मामलों का समाधान मौके पर अथवा संबंधित विभागों के माध्यम से किया गया। इसके अलावा विभिन्न प्रमाण पत्रों और शासकीय सेवाओं के लिए कुल 43,975 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अब तक 1,79,169 नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं, जिनमें एक दिन में 3,911 नए लाभार्थी शामिल हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता का प्रतीक है और आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा।
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