search
 Forgot password?
 Register now
search

पारंपरिक नावों की जगह एफआरपी नावें; 30 लोगों के बैठने की होगी क्षमता, बिहार में शुरू होगी ट्रेनिंग

Chikheang 3 hour(s) ago views 646
  

राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान पहुंचे परिवहन मंत्री श्रवण कुमार।  



राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के छात्रों को पारंपरिक लकड़ी की नावों की जगह अब फाइबर रिइन्फोर्स प्लास्टिक (FRP) नावों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान (निनि) में इस वर्ष के अंत तक इसका निर्माण शुरू होने की संभावना है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार को निनि के प्रोजेक्ट निदेशक इंद्रजीत सोलंकी ने यह जानकारी दी।

मंत्री ने गायघाट पहुंचकर शिप रिपेयरिंग सुविधा और निनि का निरीक्षण किया। मंत्री को बताया गया कि संस्थान में लगभग 10 मीटर बड़ी नावों के निर्माण की ट्रेनिंग दी जाएगी।

इस तरह के नावों में 25 से 30 लोग बैठ सकेंगे। एक नाव को बनाने में लगभग चार महीने का समय लगता है। इसके लिए कोलकाता और मुंबई से मूल निर्माण सामग्री मंगाई जा रही है।

इस तरह के नाव निर्माण में खर्च भी कम आता और इन्हें करीब 10 वर्ष तक मरम्मत की आवश्यकता नहीं होती है। परिवहन मंत्री शुक्रवार को कोच्चि में इनलैंड वाटरवेज डेवलपमेंट काउंसिल (IWDC) की तीसरी बैठक में भाग लेंगे। बैठक में बिहार की जलमार्ग संबंधित संभावनाओं और समस्याओं पर चर्चा होगी।  
गायघाट से दीघा तक वाटर मेट्रो का सफर

मंत्री ने गायघाट से दीघा घाट तक वाटर मेट्रो वेसल में सफर किया और जल मार्ग परिवहन व माल ढुलाई की संभावनाओं का अध्ययन किया।

उन्होंने कहा कि नदी परिवहन रेल और सड़क की तुलना में काफी सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है। जलमार्ग से बालू, सब्जियां और भारी सामान की ढुलाई आसान हो जाएगी, जिससे सड़क जाम और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

वर्तमान में राज्य में दो रोपेक्स वेसल (एक पटना और एक भागलपुर में) संचालित हैं। 21 सामुदायिक जेटी भी है, जबकि 17 अतिरिक्त स्थानों पर नए सामुदायिक जेटी विकसित किए जाएंगे। इन जेटियों के पास हाट भी लगाए जा सकेंगे, ताकि ताजा फल-सब्जियां सीधे बेची जा सकें।  
अंतर्राज्यीय टर्मिनल का निर्माण

प्रोजेक्ट निदेशक ने बताया कि जलमार्ग से माल ढुलाई के लिए नए अंतर्राज्यीय टर्मिनल बनाए जाएंगे। इससे भागलपुर-विराटनगर के बीच व्यापार बढ़ेगा।

पड़ोसी देश नेपाल से जलमार्ग के माध्यम से व्यापारिक गतिविधियों की संभावनाओं का अध्ययन भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नदियों पर 1550 घाट हैं और 6600 से अधिक नावें पंजीकृत हैं।  

जलवाहक योजना के तहत अनुदान के लिए राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के लिए दूरी 300 किमी से घटाकर 100 किमी करने का प्रस्ताव है।

इससे बक्सर, कालूघाट, पटना/हाजीपुर, मोकामा, भागलपुर और साहिबगंज जैसे प्रमुख शहरों के बीच जल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

इस मौके पर भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आइडब्ल्यूएआइ) के निदेशक अरविंद कुमार, परिवहन विभाग की उप-सचिव कुमारी अर्चना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
155543

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com