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SIR In Gorakhpur: गोरखपुर में दूसरे चरण में भी नाम कटने का खतरा, सुनवाई में 50 प्रतिशत मतदाता नदारद

Chikheang 3 hour(s) ago views 408
  

बिना मैपिंग वाले 2.83 लाख मतदाताओं को दिया जा रहा नोटिस, पहले ही कट चुके हैं 6.45 लाख नाम। जागरण  



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण- एसआईआर अभियान के दूसरे चरण में भी काफी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने की आशंका गहराती दिख रही है। पहले चरण में एएसडी (अबसेंट, शिफ्टेड, डेथ) श्रेणी के 6.45 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं।

अब दूसरे चरण में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग न होने वाले 2.83 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। हालांकि, बुधवार को शुरू हुई सुनवाई के पहले ही दिन अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से भी अधिक मतदाता अनुपस्थित रहे।  

सुनवाई के दौरान कई जगह उत्साह की कमी साफ नजर आई। कुछ विधानसभा क्षेत्रों में ही अपेक्षाकृत बेहतर उपस्थिति रही। कई मतदाता बिना आवश्यक अभिलेखों के ही सुनवाई में पहुंच गए, जबकि कुछ ने यह कहते हुए दस्तावेज जमा करने से इनकार कर दिया कि वे दूसरे स्थान पर भी मतदाता हैं और नाम कटवाना चाहते हैं। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, जो लोग सुनवाई में उपस्थित नहीं हो रहे हैं, उन्हें निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एक और अवसर दिया जाएगा। अनुपस्थित मतदाताओं की सुनवाई की अगली तिथि जल्द घोषित की जाएगी।

शहर विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ दिनेश गुप्ता ने बताया कि पहले दिन सुनवाई के लिए 161 मतदाताओं को नोटिस दिया गया था, लेकिन केवल 51 लोग ही पहुंचे। इनमें 21 मतदाताओं के दस्तावेज पूरे पाए गए। शेष उपस्थित लोगों से आवश्यक प्रमाण पत्र न होने के कारण अगले दिन उपस्थित होने को कहा गया।

इसी विधानसभा क्षेत्र की एईआरओ व नायब तहसीलदार आकांक्षा पासवान ने 150 मतदाताओं को बुलाया था, जिनमें केवल 40 लोग ही सुनवाई में आए। इनमें से 16 ने दस्तावेज जमा किए, जबकि कुछ मतदाताओं ने दो स्थानों पर नाम होने की बात कहते हुए स्वयं नाम कटवाने की इच्छा जताई। एईआरओ व तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह ने बूथ संख्या एक के लिए पहले दिन 11 मतदाताओं को बुलाया था, जिनमें सात उपस्थित हुए। इनमें दो महिलाओं ने दस्तावेज जमा करने से इनकार करते हुए नाम कटवाने की बात कही।

पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही। ईआरओ व एएसडीएम सुदीप तिवारी के अनुसार, यहां पहले दिन 823 मतदाताओं की सुनवाई तय थी, जिनमें 318 मतदाता उपस्थित हुए। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल छह एईआरओ द्वारा सुनवाई की गई। भटहट ब्लाक मुख्यालय में तकनीकी खराबी की वजह से प्रमाण पत्र अपलोड करने में थोड़ी दिक्कत हुई। मतदाता परेशान न हो इसलिए ईआरओ के निर्देश पर वहां आफलाइन प्रमाण पत्र लिए गए।  

सहजनवा विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ व एसडीएम केशरी नंदन तिवारी ने बताया कि पहले दिन 1927 मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया गया था जिनमें से 287 के प्रमाण पत्र मिले। कई मतदाता सही प्रमाण पत्र के साथ नहीं उपस्थित हुए। इस विधान सभा क्षेत्र के आठ स्थानों पर एईआरओ नोटिसों पर सुनवाई की। वहीं ब्रह्मपुर ब्लाक मुख्यालय पर बुधवार को एईआरओ व खण्ड विकास अधिकारी गरिमा सिंह ने सुनवाई की। यहां पहले दिन 125 लोगों को नोटिस जारी किया बुलाया गया था, जिनमें से 73 लोग अपने दस्तावेज लेकर उपस्थित हुए।

निरीक्षण करते रहे जिला निर्वाचन अधिकारी
जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम दीपक मीणा ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सुनवाई कार्य का निरीक्षण किया। तहसील सदर सभागार में चल रही सुनवाई के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2003 की सूची से जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है, उन्हें सुनवाई की तय तिथि पर जरूरी प्रमाण पत्र देना होगा। प्रमाण पत्र नहीं उपलब्ध कराने वालों के नाम कट जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक मतदाताओं को सुनवाई में पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाए।

30 हजार मतदाताओं तक पहुंचा नोटिस
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनीत कुमार सिंह ने बताया कि 2.83 लाख मतदाताओं को नोटिस दिए जाने हैं, जिनमें बुधवार तक करीब 30 हजार लोगों को नोटिस प्राप्त कराए जा चुके हैं। पहले दिन की विस्तृत रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन कुछ केंद्रों पर स्थिति संतोषजनक रही।

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जन्मतिथि के अनुसार किसके दस्तावेज देने होंगे
सुनवाई के दौरान एक जुलाई 1987 से पहले जन्मतिथि वाले मतदाताओं को स्वयं के दस्तावेज देने होंगे, जिसमे जन्म तिथि और जन्म स्थान का पता चलता हो। जबकि एक जुलाई 1987 और दो दिसंबर 2004 के बीच जन्म लेने वाले मतदाताओं को अपने साथ ही माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा जो जन्म तिथि या जन्म स्थान को प्रमाणित करता हो।

इसी तरह 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वाले मतदाताओं को अपने जन्म तिथि या जन्म स्थान के दस्तावेज के अलावा माता- पिता दोनों के दस्तावेज भी जमा करने होंगे। यदि अभिभावक में से कोई भारतीय नहीं है, तो अपने जन्म के समय उनके वैध पासपोर्ट और वीजा की एक प्रति उपलब्ध कराए। निर्वाचन आयोग की ओर से दस्तावेजों की सूची पहले ही जारी की जा चुकी है।
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