पश्चिमी विक्षोभ के बाद वाराणसी में फिर लौटेगी गलन, जानें मौसम का नया मिजाज।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल सहित वाराणसी में मौसम का रुख अब गलन से मानो मुक्त नजर आ रहा है लेकिन इसके पीछे वातावरण में हो रहा बदलाव जिम्मेदार है। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के इस समय पहाड़ों से होकर गुजरने की वजह से गलन का प्रकोप थमा है लेकिन इसके गुजरने के बाद पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में नजर आएगा। पछुआ का जोर भी इस बीच कमजोर पड़ने से सूरज का ताप प्रभावी हुआ है।
मौसम का रुख गुरुवार की सुबह मामूली धुंधलके की ओर रहा है लेकिन दिन चढ़ने पर सात बजे के बाद आसमान पूरी तरह से साफ नजर आया और वातावरण में गलन का असर भी गायब हो गया। दिन चढ़ा तो सूरज का ताप भी प्रभावी नजर आया और गलन भरी हवाओं का रुख भी आहिस्ता से गुम होने लगा। नौ बजे तक ठंड का प्रकोप कम हुआ और लोग धूप भी सेंकने निकले। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों में इस समय पहाड़ों से होकर पश्चिमी विक्षोभ का असर कम हो रहा है। इसके पीछे गलन भरी हवाएं पछुआ का जोर होने पर पूर्वांचल तक प्रभावी हो सकती हैं।
बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 25.5°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 9.4°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक रहा। आर्द्रता इस दौरान न्यूनतम 54% दर्ज किया गया तो वहीं अधिकतम आर्द्रता 80% दर्ज की गई। आर्द्रता में जहां कमी है वहीं तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव है जो पहाड़ों पर सक्रिय भूमिका में है। लेकिन आने वाले दो दिनों में इसका असर बदलेगा और गलन भरी हवाएं दोबारा प्रभावी हो सकती हैं। बादलों की आवाजाही का भी संकेत मौसम विभाग ने पूर्व में दिया था। |
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