दिल्ली सचिवालय में प्रेसवार्ता करते हुए दिल्ली के जल, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली के जल, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में जलभराव की समस्या के लिए पूर्व की आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से किराड़ी में जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसके बावजूद पूर्व सरकार ने सीवर लाइन और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की। भाजपा की सरकार बनने के बाद काम शुरू किया गया है और एक वर्ष में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर किराड़ी में जलभराव की समस्या को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अन्य नेता इसे लेकर भ्रम फैला रहे हैं। सच्चाई यह है कि पिछले आप सरकार ने 11 वर्षों में किराड़ी में सीवरेज से जुड़े रखरखाव कार्यों पर मात्र 43 लाख रुपये खर्च किए।
क्यों रुका था सीवर लाइन बिछाने के काम?
किराड़ी में वर्ष 2000 से पहले से ही कॉलोनियां बसी हुई हैं, लेकिन न तो कांग्रेस और न ही आप ने सीवर सुविधा और जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान दिया। उन्होंने किराड़ी में जलभराव की समस्या को लेकर पूर्व के वर्षों की मीडिया रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा कि दिसंबर 2020 में किराड़ी में सीवर लाइन बिछाने के काम को मंजूरी दी गई थी। दिसंबर 2024 तक काम पूरा हो जाना चाहिए था। भुगतान न होने के कारण ठेकेदारों ने काम रोक दिया और गंदा पानी खुले नालों में बहता रहा। पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर पानी भरता चला गया।
ऑडिट रिपोर्ट में भी कमियां उजागर हुई हैं। भाजपा सरकार ने सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू किया है, जिसे जून तक पूरा कर लिया जाएगा। सीवर लाइन को रोहिणी स्थित एसटीपी से जोड़ा जाएगा। जल निकासी के लिए नालों का निर्माण भी एक वर्ष में पूरा हो जाएगा।
जल निकासी के लिए चल रहे कार्य
- सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग 220 करोड़ की लागत से मुंडका हाल्ट से सप्लीमेंट्री ड्रेन तक नए नाले का निर्माण कार्य चल रहा है।
- डीडीए 250 करोड़ की लागत से 7.2 किलोमीटर लंबा किराड़ी–रिठाला ट्रंक ड्रेन बना रहा है।
- 112 करोड़ की लागत से केएसएन ड्रेन का उन्नयन कार्य चल रहा है।
- शर्मा कॉलोनी में 9.4 करोड़ की लागत से ड्रेन सुधार का काम चल रहा है।
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