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रांची में आयोजित दक्षिण पूर्व रेलवे की संसदीय समिति की बैठक में मौजूद सांसद बिद्युत बरण महतो।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटानगर स्टेशन से संचालित होने वाली कई प्रतिष्ठित और पुरानी ट्रेनों को आदित्यपुर स्टेशन शिफ्ट करने की रेलवे की योजना का जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने कड़ा विरोध किया है। रांची में आयोजित दक्षिण पूर्व रेलवे की संसदीय समिति की बैठक में सांसद ने दो टूक कहा कि यात्रियों की सुविधा से समझौता कर ट्रेनों का स्टेशन बदलना कतई स्वीकार्य नहीं है।
इन 8 महत्वपूर्ण ट्रेनों को शिफ्ट करने की तैयारी
बैठक में यह बात सामने आई कि रेलवे टाटानगर के दबाव को कम करने के लिए निम्नलिखित ट्रेनों को आदित्यपुर से चलाने का प्रस्ताव बना रहा है:
- साउथ बिहार एक्सप्रेस (दुर्ग-दानापुर)
- टाटा-बक्सर और टाटा-थावे एक्सप्रेस
- जलियांवाला बाग एक्सप्रेस
- टाटा-यशवंतपुर और टाटा-एर्नाकुलम
- टाटा-जम्मूतवी और टाटा-विशाखापट्टनम (साप्ताहिक)
सांसद ने कहा कि इससे न केवल यात्रियों को भारी परेशानी होगी, बल्कि जनता में भारी आक्रोश भी पैदा होगा। उन्होंने इन सभी ट्रेनों का परिचालन टाटानगर से ही यथावत रखने की मांग की।
वैकल्पिक रूट और बाईपास लाइन का सुझाव ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने के लिए सांसद ने चांडिल-बोड़ाम-पटमदा-काटिन-बांदवान-झाड़ग्राम नई रेल लाइन बिछाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह बाईपास लाइन मुख्य रूट का बोझ कम करेगी और पिछड़े आदिवासी क्षेत्रों को रेल सेवा से जोड़ेगी।
विस्थापितों के पुनर्वास और नई ट्रेनों की मांग
- दुकानदारों का पुनर्वास: स्टेशन पुनर्विकास के कारण हटाई जा रही दुकानों और मकानों के लिए सांसद ने नियमानुसार पुनर्वास की मांग की।
- बुनियादी ढांचा:सालगाझुरी अंडरपास का काम शुरू करने और परसुडीह व सुंदरनगर में ओवरब्रिज (ROB) बनाने का प्रस्ताव रखा।
- नई ट्रेनें: टाटा-काटपाडी से तिरुपति होते हुए बेंगलुरु तक नई ट्रेन और हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस को वाया टाटानगर चलाने की मांग रेलवे अधिकारियों को सौंपी गई।
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