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आयुष्मान भारत में यूपी का डिजिटल मॉडल
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। आयुष्मान भारत योजना में डिजिटल नवाचार और सोशल मीडिया के जरिये जन-जन तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए योगी सरकार की सराहना अन्य राज्यों में भी हो रही है। इसका ताजा उदाहरण ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयुष्मान भारत योजना पर आयोजित दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ में देखने को मिला। इस शिविर का मकसद आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा और देशभर के राज्यों के बीच सफल मॉडल व श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिस) को साझा करना रहा। शिविर का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत ओडिशा सरकार के सहयोग से किया गया।
डिजिटल और सूचना-शिक्षा-संचार से लाभार्थियों को मिला सीधा लाभ
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि शिविर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन पर विस्तार से चर्चा की गयी। चिंतन शिविर में उत्तर प्रदेश को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत डिजिटल नवाचारों के प्रभावी उपयोग के लिए विशेष रूप से सराहा गया। लाभार्थियों में जागरूकता बढ़ाने, जानकारी तक आसान पहुंच बनाने और सेवाओं का लाभ सरल तरीके से दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश द्वारा किए गए डिजिटल प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की गई। पहले कई बार लाभार्थियों को अस्पताल खोजने, सही जानकारी पाने या सेवाओं तक पहुंच बनाने में कठिनाई होती थी। इसे दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश की स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) ने कई डिजिटल और सूचना-शिक्षा-संचार पहलें शुरू कीं, जिनका सीधा असर लाभार्थियों के अनुभवों से दिखाई देता है।
आयुष्मान संपर्क के जरिये घर बैठे ले रहे ओपीडी अपॉइंटमेंट
एसीईओ पूजा यादव ने बताया कि डिजिटल नवाचार में ‘आयुष्मान सारथी’ मोबाइल एप्लिकेशन प्रमुख है, जो लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पताल खोजने की सुविधा देता है। ऐप के माध्यम से लोग अपने आसपास के पैनल अस्पतालों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में लाभार्थियों के सवालों का त्वरित जवाब देने के लिए ‘आयुष एआई चैटबॉट’ भी अहम भूमिका निभा रहा है। इस चैटबॉट ने 15,000 से अधिक लाभार्थियों के प्रश्नों के उत्तर देकर हेल्पडेस्क या प्रत्यक्ष सहायता पर निर्भरता को काफी कम किया है। वहीं, ओपीडी सेवाओं को अधिक सहज बनाने के लिए ‘आयुष्मान संपर्क’ प्लेटफॉर्म को ओपीडी अपॉइंटमेंट बुकिंग सिस्टम के रूप में शुरू किया गया, जिसके जरिए 600 से अधिक अपॉइंटमेंट्स बुक किए जा चुके हैं। इससे बाह्य रोगी सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है और अनावश्यक दौड़-भाग भी कम हुई है।
आयुषमैन सुपरहीरो कॉमिक्स से आम जन तक पहुंची रही योजना की जानकारी
डिजिटल प्रयासों के साथ-साथ सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश ने नवाचारी आईईसी (इन्फार्मेशन, एजुकेशन एंड कम्युनिकेशन) सामग्री भी विकसित की है। इनमें “आयुषमैन” सुपरहीरो कॉमिक्स विशेष रूप से चर्चा में रही, जिसके जरिए आम लोगों तक योजना की जानकारी सरल भाषा और रोचक अंदाज में पहुंचाई जा रही है। इससे बच्चों, युवाओं और परिवारों के बीच भी योजना को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
इन प्रयासों का असर यह रहा कि लाभार्थियों का अनुभव बेहतर हुआ, प्रतीक्षा समय में कमी आई और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रति जागरूकता व उपयोग में बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह भी सामने आई कि आयुष्मान संपर्क के माध्यम से बुक किए गए कुल ओपीडी अपॉइंटमेंट्स में से 42 प्रतिशत अपॉइंटमेंट्स 50 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा किए गए। यह दर्शाता है कि प्राथमिक आबादी के लिए सेवाओं की पहुंच मजबूत हुई है। इस अवसर पर हेल्थ बेनिफिट पैकेज मैनुअल और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत श्रेष्ठ प्रयासों/कार्यों का संकलन भी लांच किया गया। साथ ही, साझेदार संस्थानों के साथ कई समझौता पत्रं (एमओयू) का आदान-प्रदान भी हुआ। |
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