तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
संवाद सूत्र, पीपीगंज। मतांतरण की सूचना मिलने पर बुधवार की रात पीपीगंज क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी के माहौल में यह सूचना पुलिस को मिली। गांव का पता लगाते हुए पुलिस की टीम गांव पहुंची और आशंका में चार महिला व एक युवक को हिरासत में लेकर थाने उठा लाई।
यहां पर पूछताछ और गांव में जांच के क्रम में पता चला कि मतांतरण का मामला फर्जी है। एक युवक के बीमार होने पर स्वजन पूजा-पाठ करा रहे थे। जिसमें पांच लोग बाहर से आए थे। इसके बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया।
नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 15 मुंशी प्रेमचंद नगर स्थित भरवल गांव में बुधवार की देर शाम कुछ महिलाएं और एक युवक बीमार युवक के स्वस्थ होने के लिए पूजा-पाठ व प्रार्थना कर रहे थे। इसी दौरान गांव के एक युवक ने पुलिस को सूचना दी कि गांव में ईसाई धर्म के लोग मतांतरण करा रहे हैं।
मौके पर पुलिस पहुंची और प्रार्थना कर रही चार महिला व एक युवक को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि सभी लोग हिंदू धर्म से हैं और किसी भी प्रकार का मतांतरण नहीं किया जा रहा था।
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महिलाओं ने बताया कि घर में एक व्यक्ति लंबे समय से बीमार है, जिसके स्वास्थ्य लाभ के लिए वे परंपरागत रूप से पूजा-पाठ और प्रार्थना कर रही थीं। सीओ कैम्पियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि भरवल गांव से मतांतरण की झूठी सूचना दी गई थी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की और संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच के बाद सभी को छोड़ दिया गया है। पुलिस अब झूठी सूचना देने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की अफवाहों से कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। |
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