राज्य ब्यूरो, लखनऊ। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में रोहतास व उसकी सहयोगी कंपनियों की 350 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की है। इनमें 75 अचल और दो चल संपत्तियां शामिल हैं। यह संपत्तियां रोहतास समूह के प्रमोटर दीपक रस्तोगी, वर्धन टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स अध्याये रियल्टी इंफ्रास्ट्रक्चर, हाईनेस इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड तथा अज्ञात व्यक्तियों के नाम पर दर्ज हैं।
ईडी ने लोगों के साथ धोखाधड़ी के मामले में रोहतास समूह के विरुद्ध वर्ष 2021-22 में दर्ज की गई 83 एफआइआर के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी। रोहतास समूह के प्रमोटर दीपक रस्तोगी ने 30 माह में फ्लैट उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये एकत्र किए थे। साथ ही उन्हें भरोसा दिया था कि अगर 30 माह में फ्लैट का आवंटन नहीं किया गया तो लोगों को जमा की गई राशि का 150 प्रतिशत वापस किया जाएगा। इसी भरोसे पर सैकड़ों लोगों ने रोहतास समूह की सुलतानपुर रोड, रायबरेली रोड और रोहतास प्लूमेरिया टाउनशिप में फ्लैट बुक कराए थे। रोहतास के प्रमोटर टाउनशिप विकसित किए बिना ही लोगों के करोड़ों रुपये डकार कर फरार हो गए थे।
ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि फ्लैट खरीदारों से एकत्र धन को रोहतास के प्रमोटरों ने सहयोगी कंपनियों और बेनामी व्यक्तियों के नाम पर भूमि खरीदने में खर्च किया था। प्रमोटरों ने स्वामित्व छिपाने के लिए वर्धन टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड भूमि को हस्तांतरित कर दी थी, जबकि कुछ बेनामी भूमि अध्याये रियल्टी इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी को स्थानांतरित की गई थी।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि कुछ भूखंड बाद में दीपक रस्तोगी ने बेनामी व्यक्तियों से खरीदे थे और इन्हे बैंकों में गिरवी रखकर ऋण लिया था। ईडी अधिकारियों ने बताया कि पहली अक्टूबर 2025 में इसी मामले में 110.05 करोड़ मूल्य की 68 अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। शुक्रवार को जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है उनमें लखनऊ में स्थित 141.21 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियां भी शामिल हैं।
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