प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बरेली। जिले की दो ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों में लाखों रुपये का गबन किया गया। नालियों, सीसी रोड और खड़ंजा निर्माण में अनियमितताएं बरती गईं। ग्रामीणों के आरोप पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने जांच कराई और दोनों पंचायतों के प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रधानों को 15 दिन में जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय में नोटिस का जवाब देना होगा, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो दिन पहले ही फतेहगंज पश्चिमी ब्लाक की ग्राम पंचायत तुरसा पट्टी की प्रधान के गबन के आरोप में अधिकार सीज किए गए थे। दमखोदा ब्लाक की ग्राम पंचायत सुकटिया याकूबगंज के ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए थे। इसमें निर्माण कार्यों के तकनीकी मूल्यांकन में सहायक अभियंता निर्माण खंड-1 को शामिल किया था।
अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में दी। आरोपों की जांच में टीम ने पाया कि रामपाल के घर से मन्दिर तक सीसी रोड के निर्माण में मार्ग की खुदाई करने पर प्रस्तावित मोटाई 10 के सापेक्ष 7.50 सेंटीमीटर पाई गई। नत्थूलाल के घर से तेजपाल के घर तक सीसी निर्माण कार्य में मोटाई दस की जगह पांच सेंटीमीटर पाई गई।
भगवानदास के घर से फूल चंद्र के घर तक सीसी व नाली निर्माण कार्य की जांच में मार्ग की प्रस्तावित मोटाई 10 के सापेक्ष नौ सेंटीमीटर पाई गई। इसके अलावा श्यामाचरन के घर से शिवचरन के घर तक सीसी व नाली निर्माण कार्य में मार्ग की मोटाई 10 की सापेक्ष 9.50 सेंटीमीटर पाई गई।
इस प्रकार प्रधान अरशद मलिक और सचिव सुनील कुमार माथुर विकास एवं निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का प्रयोग करने, मानकों की अनदेखी करने, गुणवत्तापरक कार्य न कराए जाने, नियमों और मानकों का विचलन करने और शासकीय धनराशि का अनियमित भुगतान, गबन और दुरुपयोग करने के प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं।
वहीं दूसरे मामले में ग्रामीणों ने नवाबगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत मुड़िया भीकमपुर की प्रधान भूपा देवी की शिकायत की थी। इसमें जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी और सहायक अभियंता रुहेलखंड कैनाल बरेली को जांच दी गई। जांच में तेजपाल के खेत से अरविंद के घर तक पड़ी सीसी रोड की पत्रावली दी गई, लेकिन इसमें एस्टीमेट की कापी नहीं लगी है, जिसके कारण जांच पूरी नहीं हो पाई।
बार-बार कापी मांगने पर भी नहीं दी गई। इसके अलावा बुद्धसेन के घर से ब्रह्मदेव तक बने नाले की जांच के दौरान कार्य की पत्रावली प्रस्तुत नहीं की गयी, जिसके कारण जांच पूरी नहीं हो पाई। वहीं बहगुल नदी से खुदान व मनरेगा कार्य की जांच दौरान पाया कि काम के दो प्राक्कलन बनाए गए जो उचित नहीं है।
इस प्रकार प्रधान और सचिव राजपाल विकास और निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का प्रयोग करने, मानकों की अनदेखी करने, गुणवत्तापरक कार्य न कराए जाने, नियमों का विचलन करने और अभिलेख प्रस्तुत न करने, धनराशि के गबन करने के प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। इस पर दोनों प्रधान को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब देने का आदेश दिया है।
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