फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड के सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेंगी। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित राज्यभर के जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत संचालित रेडियोलॉजिकल सेवाओं को जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
निर्बाध रूप से मिलेंगी जांच सुविधाएं राज्य सरकार ने हेल्थमैप डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए समझौते (MoU) की अवधि को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है। झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JMHIDPCL) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के सभी जिलों, रांची स्थित रिम्स (RIMS) और अन्य मेडिकल कॉलेजों में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं पहले की तरह निर्बाध रूप से मिलती रहेंगी। एमजीएम अस्पताल में फिलहाल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध है। गौरतलब है कि यह करार मूल रूप से 16 नवंबर 2015 को हुआ था, जिसकी समय सीमा 15 नवंबर 2025 को समाप्त हो रही थी।
गरीब मरीजों को होती थी परेशानी करार की अवधि खत्म होने के करीब आने पर राज्य के कई अस्पतालों में जांच सेवाओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। खासकर गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए समय पर जांच न होना एक बड़ी समस्या बन गया था। इसे देखते हुए पहले इस अवधि को दिसंबर 2025 तक और अब इसे विस्तारित कर मार्च 2026 तक कर दिया गया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस विस्तार को मंजूरी दी है। स्वास्थ्य मंत्री की स्वीकृति के बाद जेएमएचआइडीपीसीएल के प्रबंध निदेशक ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले से गरीब मरीजों को महंगे निजी जांच केंद्रों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि एमओयू की अवधि बढ़ने से अस्पताल प्रबंधन भी बेहतर तालमेल के साथ उपचार प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा, जिससे इलाज में होने वाली देरी पर लगाम लगेगी। |
|