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जागरण संवाददाता, देवरिया। युवा वकील कुमार बेरोजगार थे। दूसरे शहरों में जाकर नौकरी में मन नहीं लग रहा था। ऐसे में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने उनकी जिंदगी बदलाव ला दिया। बनकट बहादुरपुर गांव के रहने वाले वकील को इस योजना के तहत पांच लाख रुपये ऋण मिले तो उन्होंने सीएससी (कामन सर्विस सेंटर) की स्थापना की।
इसके माध्यम से वकील कुमार आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र, पेंशन, छात्रवृत्ति, बिजली बिल, बीमा, बैंकिंग सहित अनेक सरकारी व गैर-सरकारी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इससे न केवल उन्हें स्थायी रोजगार मिला है, बल्कि उन्होंने दो अन्य लोगों को भी अपने साथ रोजगार देकर स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। उनका यह प्रयास ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने बनाया स्वावलंबी
उनका कहना है कि मन में कुछ अलग करने की इच्छा तो परिस्थितियां बाधा नहीं बनती। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने उन्हें स्वावलंबी बनाया व अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। यह शासन की महत्वपूर्ण और दूरदर्शी योजना है। जिससे युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य युवा भी इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान दे सकते हैं।
देवरिया में एक अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत कुल 3400 आवेदन उद्योग विभाग को प्राप्त हुए। इनमें से 2955 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। बैंक से अब तक 1275 युवाओं को ऋण मिल चुका है। बैंकों में अभी 1680 युवाओं के आवेदन लंबित हैं।
उद्योग विभाग से करीब 2400 आवेदकों का आवेदन पत्र फारवर्ड हुआ है। बैंक के स्तर से जांच के बाद इस योजना के तहत पांच लाख तक ऋण दिए जा रहे हैं। केवल उन्हीं को ऋण नहीं मिल पा रहा है। जिनके आवेदनों में तकनीकी रूप से खामियां हैं या जो व्यवसाय के बारे में सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। - आरएस प्रेमी, अग्रणी जिला प्रबंधक
शासन से 1700 का लक्ष्य मिला है। जिसके सापेक्ष 1275 आवेदकों को ऋण दिया जा चुका है। मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। फिलहाल इस योजना में जिले को 17वीं रैंक प्राप्त हुई है। टापटेन में लाने का प्रयास किया जा रहा है। -शमशुद्दीन सिद्दीकी, उपायुक्त उद्योग
मैंने इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रानिक रिपेयर शाप के लिए पांच लाख रुपये ऋण के संबंध में एसबीआइ राघवनगर शाखा में आवेदन किया हूं। अभी तक आवेदन लंबित है। बैंक की तरफ से मुझे आश्वासन दिया जा रहा है कि जल्द ही ऋण की स्वीकृति की जाएगी। देखता हूं कि कबतक स्वीकृति मिलती है। -अभिषेक कन्नौजिया, पैकौली, देवरिया
यह योजना काफी अच्छी है। इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रानिक सामानों के मरम्मत का कार्य जानता हूं। इसकी दुकान खोलने के लिए पांच लाख रुपये की आवश्यकता है। पीएनबी नूनखार से आवेदन किया गया है। अभी तक पत्रावली लंबित है। बैंक की तरफ से ऋण स्वीकृत करने के संबंध में आश्वासन दिया गया है। ऋण स्वीकृत होने का इंतजार किया जा रहा है। -अभयानंद पासवान, नूनखार |
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