बलिदान रिंखिल का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। जागरण
केशव त्यागी, हापुड़। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बृहस्पतिवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में भारतीय सेना का बुलेटप्रूफ ट्रक भदरवाह-तंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर अनियंत्रित होकर लगभग 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में देश की सेवा करते हुए दस जवान बलिदान हो गए, जबकि 11 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस हादसे में शहीद हुए जवानों में हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भटैल के सैनिक रिंखिल बालियान भी शामिल हैं। शनिवार सुबह रिंखिल बालियान का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा तो परिजनों में चीत्कार मच गया। शहीद के घर पर ग्रामीणों का तांता लग गया और पूरे गांव में मातम छा गया।
वीर सपूत के परिजनों ने बताया कि रिंखिल बालियान वर्ष 2016 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में थी। हादसे के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त कर ली।
शनिवार सुबह सेना के जवान रिंखिल बालियान का पार्थिव शरीर लेकर गांव में पहुंचे। रिंखिल के पार्थिव शरीर को देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान बलिदानी बेटे के पार्थिव शरीर से लिपटकर मां बिलख पड़ी। मां मंजू देवी और पत्नी रिंकी का रो-रोकर बुरा हाल है।
पीड़ित परिवार को संभालना मुश्किल हो रहा है। गांव की महिलाएं और रिश्तेदार लगातार उन्हें ढांढस बंधा रहे थे। सैन्य सम्मान के साथ जवान के पार्थिव शरीर का अंतिम सस्कार किया जाएगा। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है। |
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