करमाटांड में ईदगाह मोड़ पर गोलीकांड के बाद जुटी भीड़।
जागरण संवाददाता, करमाटांड़ (जामताड़ा)। सिर्फ पांच हजार रुपये के लेनदेन में उपजी रंजिश खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। बुधवार की रात करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ईदगाह मोड़ पर हुई गोलीकांड की वजह पैसों की लेनदेन बनी। हथियारबंद बदमाशों ने जिस नजरूल अंसारी को निशाना बनाया वह तो बाल-बाल बच निकला लेकिन गोली उसके पास खड़े इरशाद को जा लगी।
गोली इरशाद के गर्दन के पास से आरपार हो गई और गंभीर हालत में उसका इलाज धनबाद स्थित असर्फी अस्पताल में चल रहा है। इस मामले में नजरूल की शिकायत पर करमाटांड़ थाने की पुलिस ने फिरोज अंसारी समेत छह लोगों को आरोपित बनाया है।
इस मामले में करमाटांड़ के तरकोजोरी निवासी नजरूल अंसारी ने पुलिस को बताया है कि जेसीबी चलाने वाले ड्राइवर को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। नजरूल ने बताया कि उसका जेसीबी ड्राइवर शाहबाज अंसारी उर्फ लालू करीब दो साल से उसकी जेसीबी मशीन चलाने का काम करता था।
अचानक वह उसके पास काम पर नहीं आने लगा। बाद में पता चला कि नारायणपुर के कमलापुर गांव निवासी फिरोज अंसारी व इजहार अंसारी के पास शाहबाज अंसारी गाड़ी चला रहा है। इस बात को लेजर नजरूल अंसारी ने फिरोज अंसारी को फोन कर कहा कि उसका ड्राइवर शाहबाज अंसारी तुम्हारी गाड़ी चला रहा है तो उसका पैसा 5000 रुपये उसे लौटा दे।
इसी बात को लेकर फिरोज अंसारी ने उसे धमकाया और उसके साथ जमकर कहासुनी हो गई। आरोपित ने धमकी देकर कहा कि तुम वहीं रूको ईदगाह मोड़ पर, मैं वहीं आ रहा हूं। वह पहले से ही रमजानी मोड़ पर खड़ा था। इसी बीच मोबाइल नंबर 8862901103 से फिरोज अंसारी ने फोन किया।
बुधवार शाम 6:52 में काले रंग की थार गाड़ी जे10सी डब्ल्यू 3579 है जिसमें छह लड़का उतरा उसमें से में चार लोगों को वह पहचानता था, जो फखरुद्दीन अंसारी, इजहार अंसारी, सिराज अंसारी और फिरोज अंसारी था। सभी कमलपुर का रहने वाला है।
गाड़ी से उतरते ही उतरते ही मारपीट शुरू कर की और गाली-गलौज करने लगा। धक्का-मुक्की करते हुए फखरुद्दीन अंसारी ने पिस्तौल निकाल के उसपर गोली चल दी। लेकिन निशाना चूक गया और गोली उसके पास खड़े इरशाद अंसारी को जा लगी। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।
लगातार गोलीकांड व लूट की वारदात से दशहत का माहौल
करमाटांड़ थाना क्षेत्र में एक के बाद एक लगातार हुए गोलीकांड व लूट की वारदात से दहशत का माहौल बना हुआ है। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपित पुलिस के गिरफ्त से बाहर हैं। पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आए दिन गोलीकांड की घटनाएं हो रही हैं।
इससे पूर्व भी करमाटांड़ के पिपरासोल में सीएसपी संचालक के साथ छिनतई की घटना करने के बाद अपराधियों ने फायरिंग की थी और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से भाग निकले थे। लेकिन इस मामले में भी करमाटांड़ पुलिस के हाथ अबतक कुछ नहीं लगा है। |
|