शांत शहर में सियासी आग भड़काई तो टकराव तय महापौर दीपक बाली का खुला ऐलान। जागरण
सवाद सहयोगी, काशीपुर । नगर निगम सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में महापौर दीपक बाली ने राज्य की राजनीति में चल रही खींचतान, आंतरिक असंतोष और कथित साजिशों पर खुलकर अपनी बात रखी। जहां पर कहा कि मौजूदा हालात में उन्हें लगा कि चुप्पी तोड़ना जरूरी है। क्योंकि, प्रदेश के विकास की रफ्तार को बाधित करने की कोशिश लगातार की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो मुख्यमंत्री पुषकर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों को रोकने के लिए छल, प्रपंच और षड्यंत्रों का सहारा ले रहा है।
महापौर ने कहा कि तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। महापौर ने कहा कि पार्टी संगठन ने जिस भरोसे के साथ नेतृत्व सौंपा, उसी भरोसे को कमजोर करने के प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इससे कार्यकर्ताओं के मन में पीड़ा पैदा होती है। कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित और विशाल संगठन है, जहां नेतृत्व क्षमता और कार्यकुशलता के आधार पर जिम्मेदारियां दी जाती हैं।
उन्होंने यह भी दोहराया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चुनाव हारे नहीं थे, बल्कि परिस्थितियों और भीतरखाने की गतिविधियों के कारण उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने परिवार की तरह एकजुट होकर उनके कंधों पर भरोसा रखा और प्रदेश की बागडोर सौंपी। महापौर के अनुसार यह भरोसा संगठन की परिपक्वता और दूरदृष्टि का प्रमाण था, लेकिन कुछ लोगों को यह निर्णय रास नहीं आया। ऐसे तत्वों ने स्वयं को पार्टी का हिस्सा मानने के बजाय विपक्ष की भूमिका में खड़ा कर लिया और लगातार आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू कर दिया। कहा कि दिन-रात काम करने वाले युवा मुख्यमंत्री को सीधा रोकने के बजाय साजिशों के जरिये बाधाएं खड़ी की जा रही हैं, जो न केवल अनुचित है, बल्कि जनता के साथ भी विश्वासघात है।
दीपक बाली ने अंकिता प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि वह उत्तराखंड की बेटी थी और उसकी पीड़ा पूरे समाज की पीड़ा थी। लेकिन दुर्भाग्य, घटनाओं को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए गए। महापौर ने स्पष्ट किया कि विकास और न्याय के रास्ते में अवरोध पैदा करने वालों की मंशा जनता समझ चुकी है और ऐसे प्रयास लंबे समय तक सफल नहीं हो सकते।
महापौर ने विधायक अरविंद पांडे के बयानों पर कड़ा रूख अपनाया। कहा कि अरविंद पांडे एक वरिष्ठ नेता हैं, उनकी वरिष्ठता और अनुभव पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन बार-बार ऐसे बयान देना जो भ्रम पैदा करें, स्वीकार्य नहीं है। किसान सुखवंत सिंह की दुखद मृत्यु का जिक्र करते हुए महापौर ने कहा कि यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है।
मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेकर परिवार को दिलासा दिया और न्याय का भरोसा दिया, लेकिन अरविंद पांडे द्वारा काशीपुर आकर दिए गए विरोधाभासी बयान सवाल खड़े करते हैं। कभी सीबीआइ जांच की मांग और फिर यह कहना कि हर मामले में सीबीआइ जरूरी नहीं, यह दोहरा रवैया है। उन्होंने पूछा कि क्या शोक व्यक्त करने के नाम पर भी राजनीति की जा रही है। महापौर ने यह भी कहा कि संगठनात्मक जिम्मेदारियों के समय अरविंद पांडे की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठते हैं।
दीपक बाली ने विधायक अरविंद पांडे पर तीखा हमला बोलते हुए साजिशों से सरकार अस्थिर करने का आरोप लगाया। उन्होंने विधायक को चेतावनी दिया कि संवेदनशील मुद्दों पर अगर राजनीति हुई तो वह दीवार बन कर खड़े होंगे। खुला ऐलान किया कि शांत शहर में सियासी आग भड़काई गई तो टकराव तय है। महापौर ने विधायक अरविंद पांडे को सख्त संदेश दिया कि राजनीतिक खेल बंद करो अन्यथा सामना तय है। महापौर ने यह भी कहा कि संगठनात्मक जिम्मेदारियों के समय अरविंद पांडे की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठते हैं।
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