फाइलेरिया मुक्त बिहार का लक्ष्य
जागरण संवाददाता,पटना। राज्य में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 10 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक मेगा सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान बिहार के 34 जिलों के 397 प्रखंडों में संचालित होगा। इसका उद्देश्य अधिकतम आबादी को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाकर रोग के संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना है।
11 फरवरी को ‘मेगा डे’, एक करोड़ लोगों को दवा
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने बताया कि अभियान के तहत 11 फरवरी 2026 को ‘मेगा डे’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन एक ही दिन में राज्यभर में करीब एक करोड़ लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा सेवन कराने का लक्ष्य रखा गया है। सभी स्वास्थ्यकर्मी इस दिन ‘वार मोड’ में कार्य करेंगे।
ऊर्जा ऑडिटोरियम में हुआ शुभारंभ
शुक्रवार को शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में मेगा एमडीए अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में बिहार में 1.58 लाख फाइलेरिया के मरीज चिन्हित हैं, जिन्हें इस अभियान से लाभ मिलेगा।
राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप बिहार की तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 2027 तक देश को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी के अनुरूप बिहार सरकार ने भी 2027 तक राज्य को फाइलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए व्यापक स्तर पर रणनीति और संसाधन लगाए जा रहे हैं।
चार लाख फ्रंटलाइन वर्कर, 40 हजार से अधिक बूथ
अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्यभर में लगभग चार लाख प्रशिक्षित फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही 397 प्रखंडों में 40 हजार से अधिक बूथ संचालित होंगे, जहां लोगों को दवा खिलाई जाएगी।
घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी आशा कार्यकर्ता
स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएंगी। आंगनवाड़ी केंद्रों पर मेगा कैंप लगाए जाएंगे, जबकि जीविका दीदियां जनजागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
दवा सेवन सामने कराना सबसे बड़ी चुनौती
सचिव ने कहा कि अभियान की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लाभार्थी दवा का सेवन स्वास्थ्यकर्मियों के सामने करें। इसके लिए विशेष निगरानी और समन्वय की व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी लक्षित व्यक्ति दवा से वंचित न रह जाए।
अंतर्विभागीय सहयोग से मिलेगा अभियान को बल
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने कहा कि इस अभियान में पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, शिक्षा विभाग और जीविका का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। आइसीडीएस की 2.10 लाख सेविका-सहायिका और 1.15 लाख आंगनवाड़ी केंद्र भी अहम भूमिका निभाएंगे।
हाइड्रोसिल उपचार में बिहार की उपलब्धि
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने फाइलेरिया से संबंधित हाइड्रोसिल रोग के उपचार में बिहार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसका लाभ आम लोगों को मिल रहा है।
2027 तक फाइलेरिया मुक्त बिहार का लक्ष्य
अधिकारियों ने भरोसा जताया कि मेगा एमडीए अभियान के सफल क्रियान्वयन से बिहार फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगा। सरकार, स्वास्थ्यकर्मी और आम जनता के सहयोग से 2027 तक फाइलेरिया मुक्त बिहार का सपना साकार किया जाएगा। |
|