सस्ते सोने का झांसा देकर खाली किए जा रहे बैंक अकाउंट।
सुक्रांत, जालंधर। जालंधर में सस्ता सोना और चांदी खरीदने का लालच लोगों को भारी पड़ रहा है। साइबर ठग इंटरनेट मीडिया, वेबसाइट और मैसेजिंग एप के जरिये आकर्षक विज्ञापन दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। जालंधर के मॉडल टाउन इलाके में एक ज्वेलर ने इंटरनेट पर सस्ता सोना मिलने के दावे वाले लिंक पर क्लिक किया। लिंक खुलते ही कुछ ही मिनटों में उसके बैंक खाते से करीब सात लाख रुपये निकल गए।
पीड़ित को ठगी का पता तब चला, जब उसके मोबाइल पर लगातार बैंक ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे। पीड़ित ज्वेलर का कहना था कि उसने इंटरनेट मीडिया पर एक विज्ञापन देखा था, जिसमें बाजार भाव से काफी कम कीमत पर सोना उपलब्ध कराने का दावा किया गया था।
विज्ञापन में एक लिंक दिया गया था, जिस पर क्लिक करने के बाद उससे कुछ जरूरी जानकारी भरने को कहा गया। जैसे ही उसने जानकारी डाली, उसके मोबाइल में तकनीकी गड़बड़ी शुरू हो गई और थोड़ी ही देर में बैंक खाते से पैसे कटने लगे।
ऐसे मामलों में ठग फिशिंग लिंक या फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल या कंप्यूटर में मैलवेयर इंस्टाल हो जाता है, जिससे ठग पीड़ित की बैंकिंग डिटेल, ओटीपी और पासवर्ड तक पहुंच बना लेते हैं।
कई बार ठग खुद को प्रतिष्ठित ज्वेलरी कंपनी या सरकारी एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर भरोसा जीत लेते हैं। जालंधर में इस तरह की ठगी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। खासकर सोना-चांदी के कारोबार से जुड़े लोग, जो रोजाना बाजार भाव पर नजर रखते हैं। कम कीमत देखकर जल्दी भरोसा कर लेते हैं और ठगों का शिकार बन जाते हैं।
कई लोग हो चुके हैं ठगी के शिकार
- बस्ती दानिशमंदा इलाके में रहने वाले एक व्यापारी को वाट्सएप पर सस्ती चांदी बेचने का मैसेज आया। मैसेज में दाम ऐसे थे कि व्यापारी लालच में आ गया। लिंक खोलते ही उससे आधार और बैंक डिटेल मांगी गई, जो उसने दे दी। कुछ ही देर में उसके खाते से तीन लाख रुपये निकल गए।
- आदमपुर के एक रिटायर्ड कर्मचारी को फेसबुक पर सोने के सिक्के आधी कीमत पर मिलने का विज्ञापन दिखा। अपनी जीवन भर की पूंजी को उसने सोने में बदल कर रखने का फैसला किया। जैसे ही लिंक पर क्लिक कर उसके बताए पते पर भुगतान किया, वैसे ही वेबसाइट बंद हो गई और उसका मोबाइल स्विच आफ होने लगा। बाद में पता चला कि खाते से डेढ़ लाख रुपये गायब हो चुके हैं।
- नकोदर रोड के पास में रहने वाले एक युवक ने ऑनलाइन प्लेटफार्म से सस्ते नग खरीदने के लिए लिंक पर क्लिक किया। उसका काम ही नगों की खरीद-बिक्री का था। ठगों ने केवाईसी अपडेट के नाम पर ओटीपी लिया और उसके खाते से दो लाख रुपये उड़ा लिए।
- फगवाड़ा के एक छोटे ज्वेलर को ई-मेल के जरिये सस्ते सोने का ऑफर मिला। जैसे ही उसने एडवांस भुगतान किया, ठगों ने संपर्क तोड़ दिया और न तो सोना मिला, न पैसे वापस आए।
इससे कैसे बचें
अनजान लिंक पर क्लिक न करें, इंटरनेट मीडिया, ई-मेल या मैसेज से आए किसी भी लिंक को बिना जांचे न खोलें।
बाजार भाव से बहुत सस्ते ऑफर से सावधान रहें। सस्ता सोना या चांदी अक्सर ठगी का संकेत होता है।
ओटीपी और बैंक डिटेल साझा न करें। बैंक या कंपनी कभी भी फोन या लिंक के जरिये ओटीपी नहीं मांगती।
दो स्तरीय सुरक्षा (2एफए) चालू रखें, इससे खाते की सुरक्षा बढ़ती है।
शिकायत में देर न करें, ठगी होते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ पलविंदर सिंह का कहना है कि आजकल ठग लोगों के लालच को सबसे बड़ा हथियार बना रहे हैं। सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं पर सस्ता ऑफर दिखाकर वे भरोसा जीतते हैं। आम नागरिकों और कारोबारियों को चाहिए कि वे केवल विश्वसनीय और ऑफलाइन स्रोतों से ही ऐसे सौदे करें। किसी भी डिजिटल लेन-देन से पहले वेबसाइट की प्रामाणिकता जरूर जांचें।
जागरूकता और सतर्कता ही बचाव
- किसी भी संदिग्ध लिंक या ऑफर से दूरी बनाएं।
- ऑनलाइन सस्ता सोना या चांदी बेचने के दावों या किसी भी तरह के और सस्ते प्रोडक्ट इंटरनेट मीडिया पर देखने पर सावधान रहें।
- कोई भी प्रतिष्ठित ज्वेलरी कंपनी या बैंक इस तरह अनजान लिंक भेजकर सौदे नहीं करता। यदि कोई ऑफर बाजार भाव से असामान्य रूप से सस्ता है, तो वह ठगी हो सकता है।
- ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर काल करें या साइबर क्राइम.जीओवी.इन पर शिकायत दर्ज कराएं।
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