बलिदानी सुधीर नरवाल को सात वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि।
संवाद सहयोगी, छछरौली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सड़क दुर्घटना में बलिदान हुए फौजी सुधीर नरवाल का पार्थिव शरीर शनिवार को पैतृक गांव शेरपुर में पहुंचा। जैसे ही सेना के वाहन से तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा।
छछरौली से गांव शेरपुर तक लगभग ढाई किमी के काफिले में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। बाइकों पर तिरंगे लगाए हुए थे। गांव और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़े।
हर आंख नम थी और माहौल गमगीन हो गया। यहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सात वर्षीय बेटे अयांश ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में पत्नी रूबी साथ रही। अंतिम यात्रा में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और विधायक घनश्याम दास अरोड़ा पहुंचे।
उन्होंने बलिदानी को पुष्प अर्पित किए। सेना की टुकड़ी ने गार्ड आफ आनर दिया और राष्ट्रध्वज को पूरे सम्मान के साथ बलिदानी के स्वजन को सौंपा गया। देशभक्ति और श्रद्धा का यह दृश्य हर किसी को भावुक कर गया।
ग्रामीणों ने बलिदानी अमर रहे के नारे लगाएं। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि बलिदानी का परिवार सरकार का परिवार है। परिवार की हर संभव मदद के लिए सरकार साथ खड़ी है। |
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