सड़क चौड़ीकरण का शासनादेश न होने के चलते नहीं खोले गए टेंडर, शासन पर टिकी निगाहें. File Photo
सुमन सेमवाल, देहरादून । मसूरी के वैकल्पिक मार्ग लंबीधार किमाड़ी (एलकेडी) के चौड़ीकरण की टेंडर प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। टेंडर खोलने की प्रक्रिया पर 27 जनवरी तक के लिए रोक लगा दी गई है। ऐसा सड़क चौड़ीकरण का शासनादेश न होने के चलते किया गया है। शासनादेश होने के बाद ही टेंडर खोले जाएंगे।
पहाड़ों की रानी मसूरी जितना पर्यटकों को लुभाती है, उतना रास्तेभर सताती भी है। वीकेंड और पर्यटन सीजन में देहरादून से मसूरी पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। क्योंकि, मसूरी के लिए मुख्य रूप से सिर्फ एक डबल लेन मार्ग ही उपलब्ध है। ऐसे में देहरादून-मसूरी रोड पर वाहनों का दबाव बढ़ने की स्थिति में लंबा जाम लग जाता है और वाहन घंटों रास्ते में ही फंसे रहते हैं।
शुक्रवार को भी जब मसूरी में बर्फ पड़ी और पर्यटकों का रुख इस मार्ग पर हुआ तो सड़क पैक हो गई। जाम के हालात तब विकट हुए, जब कोल्हूखेत के पास सड़क पर एक बड़ा पेड़ गिर गया। ऐसे में मसूरी के लिए एक बेहतर वैकल्पिक मार्ग की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। मसूरी पहुंचने के लिए बल्लूपुर, गढ़ी कैंट होते हुए भी एक वैकल्पिक मार्ग लंबीधार किमाड़ी (एलकेडी) उपलब्ध है, लेकिन यह महज सिंगल लेन है।
ऐसे में मार्ग पर दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। लिहाजा, लोनिवि प्रांतीय खंड ने लंबीधार किमाड़ी मार्ग को चौड़ा करने के लिए दिसंबर 2025 में टेंडर आमंत्रित किए थे। अब टेंडर खुलने की बारी आई तो अधिकारियों को कदम रोकने पड़ गए। वजह थी कि इस संबंध में शासनादेश ही नहीं किया जा सका। अभी फौरी तौर पर 27 जनवरी तक के लिए टेंडर प्रक्रिया रोकी गई है। यदि जल्द शासनादेश नहीं किया जाता है तो इस तिथि को और आगे बढ़ाना पड़ जाएगा।
23 किमी लंबा है वैकल्पिक मार्ग, दबाव बढ़ने पर होगा कारगर
लोनिवि अधिकारियों के अनुसार एलकेडी रोड गढ़ी कैंट क्षेत्र के सप्लाई एरिया से शुरू होती है, जो मसूरी से करीब चार किलोमीटर पहले मसूरी झील के पास मिलती है। मसूरी के मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने की स्थिति में यह वैकल्पिक मार्ग बेहद कारगर साबित हो सकता है। इस बात को ध्यान में रखकर ही करीब 23 किमी लंबी एलकेडी रोड को डेढ़ लेन करने की तैयारी शुरू की गई है। इस काम में 14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मार्ग को आगामी ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन से पहले दुरुस्त किया जा सकता है। लेकिन, शासन को अतिरिक्त तेजी दिखानी होगी।
दिल्ली एक्सप्रेसवे और पांवटा साहिब राजमार्ग चौड़ीकरण परियोजना पूरी होने के बाद बढ़ेगा दबाव
देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे लगभग तैयार है और वर्तमान में पांवटा साहिब राजमार्ग का चौड़ीकरण अंतिम चरण में है। दोनों परियोजनाओं के शुरू हो जाने के बाद दिल्ली और पांवटा साहिब की तरफ से भी मसूरी के लिए वाहनों का दबाव बढ़ जाएगा। ऐसे में यदि एलकेडी रोड बेहतर स्थिति में रहेगी तो मसूरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर अधिक दबाव नहीं पड़ेगा। इसके अलावा मसूरी के लिए नंदा की चौकी क्षेत्र से भी एक अन्य मार्ग पर कसरत चल रही है। हालांकि, इस योजना पर धरातलीय कार्य शुरू करने में अभी लंबा समय लग सकता है।
सहस्रधारा की तरफ से भी वैकल्पिक मार्ग, हालत खराब
मसूरी के लिए एक अन्य वैकल्पिक मार्ग सहस्रधारा की तरफ से भी है। जो कार्लीगाड़ और सरोना होते मसूरी के पास मिलता है। हालांकि, इस मार्ग की हालत भी खराब रहती है।
एलकेडी का बाटलनेक भी किया जा रहा दूर
मसूरी के वैकल्पिक मार्ग लंबीधार किमाड़ी को सिंगल लेन से डेढ़ लेन करने का काम देर सबेर शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, चौड़ीकरण की यह परियोजना तब तक सफल नहीं हो पाएगा, जब तक इसके शुरुआती स्थल गढ़ी कैंट चौक क्षेत्र में स्थित सिंचाई विभाग की कैनाल को भूमिगत नहीं कर दिया जाता। लंबीधार किमाड़ी (एलकेडी) रोड वैसे तो सप्लाई एरिया से शुरू होती है, लेकिन यहां तक पहुंच पर प्रमुख स्थल कैनाल वाली डेढ़ किमी लंबी सड़क है।
वर्तमान में सिंचाई विभाग की कैनाल के पास अस्थायी दुकानें लगाई जाती हैं। बड़ा हिस्सा अतिक्रमित भी है। लिहाजा, यहां पर कैनाल को भूमिगत कर इस भाग को फोरलेन करने का निर्णय लिया है। यदि यह भाग चौड़ा नहीं किया जाता है तो लंबीधार किमाड़ी रोड के चौड़ीकरण के बाद वाहनों का दबाव बढ़ेगा और कैनाल वाली रोड बाटलनेक बन जाएगी। अधिकारियों के अनुसार डेढ़ किमी लंबे इस शुरुआती भाग को फोरलेन तक चौड़ा करने के लिहाज से सर्वे किया जा रहा है। सिंचाई विभाग से इस संबंध में निरंतर समन्वय साधा जा रहा है।
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