LHC0088 • 4 hour(s) ago • views 848
झारखंड कैबिनेट का हो सकता है विस्तार। (फाइल फोटो)
प्रदीप सिंह, रांची। झारखंड की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे से लौटने के बाद राज्य में कैबिनेट विस्तार को लेकर गतिविधियां तेज होने की पूरी संभावना है।
सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर लंबे समय से चल रही चर्चाओं ने अब ठोस रूप लेना शुरू कर दिया है। इसके मुताबिक मुख्यमंत्री कैबिनेट विस्तार और संभावित फेरबदल को लेकर अंतिम निर्णय ले सकते हैं।
कैबिनेट विस्तार होने की स्थिति में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दो विधायकों को मंत्री पद मिलेगा। इनमें एक विधायक संताल परगना क्षेत्र से और दूसरा कोल्हान क्षेत्र से होगा।
ये दोनों क्षेत्र झामुमो की राजनीतिक दृष्टि से सबसे मजबूत पकड़ वाले माने जाते हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन क्षेत्रों को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व देकर संगठनात्मक संतुलन और राजनीतिक संदेश दोनों साधे जा सकते हैं।
संताल परगना और कोल्हान दोनों ही क्षेत्र आदिवासी राजनीति के केंद्र रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं भी क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों को प्राथमिकता देने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में कैबिनेट विस्तार के जरिए इन क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देना झामुमो की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
राजद कोटे के मंत्री संजय यादव पर संशय
कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कोटे के मंत्री संजय यादव को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजद कोटे में बदलाव कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो संजय यादव को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
बिहार चुनाव के दौरान तालमेल के तहत सीटें नहीं मिलने के कारण झामुमो और राजद के रिश्ते में खटास आई है। ऐसे में महत्वपूर्ण फैसला संभावित है।
कांग्रेस कोटे में भी फेरबदल के आसार
यदि कैबिनेट का विस्तार होता है तो इसका असर कांग्रेस कोटे पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। फिलहाल कैबिनेट में कांग्रेस के चार मंत्री शामिल हैं। कांग्रेस के भीतर लंबे समय से असंतोष और दबाव की स्थिति बनी हुई है। कई विधायक मंत्री पद की मांग को लेकर नेतृत्व पर दबाव बना रहे हैं।
ऐसे में विस्तार की स्थिति में कांग्रेस में उथल-पुथल होना तय माना जा रहा है। कांग्रेस विधायकों के एक धड़े का मानना है कि संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल किया जाना चाहिए। इसी दबाव के चलते कांग्रेस नेतृत्व भी अपने कोटे में बदलाव को लेकर रणनीति बनाने में जुटा हुआ है।
यह भी पढ़ें- झारखंड CM हेमंत सोरेन की \“महंगी जैकेट\“ पर सियासी रार: BJP ने कसा तंज, JMM बोली- यह पिछड़ी सोच और झूठ का पुलिंदा |
|