विदेशी सैलानियों से दूर सुंदरगढ़ के पर्यटन स्थल
जागरण संवाददाता, राउरकेला। राज्य के आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक विकास में पर्यटन की प्रमुख भूमिका है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सुंदरगढ़ में इस क्षेत्र के अपार अवसर हैं। राज्य पर्यटन मानचित्र पर जिले के 13 स्थल चिह्नित हैं, लेकिन 3-4 पर्यटन स्थलों को छोड़ दें तो बाकी का कोई विकास नहीं दिखता। आगे होगा या नहीं, यह भी संदेहास्पद है।
वर्षों से उपेक्षित रहने से पर्यटक इनसे मुंह मोड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, जिले में पर्यटकों के लिए कोई टूरिस्ट गाइड नियोजित नहीं, न ही कोई ब्रोशर(विवरणी पुस्तिका) तैयार हुआ। जिले में पर्यटकों के लिए जरूरी गाइड का अभाव सरकारी उदासीनता को उजागर करता है। इससे पर्यटक भ्रमण के दौरान असुविधाओं से जूझ रहे हैं।
सुंदरगढ़ व राउरकेला पर्यटन स्थल शामिल
13 पर्यटन स्थलों में सुंदरगढ़ व राउरकेला सहित त्रिवेणी संगम प्रसिद्ध वेदव्यास शिवपीठ, हेमगिरि ब्लॉक का जुनागढ़ गुफा, लेफ्रिपड़ा ब्लॉक की उषाकोठी, राजगांगपुर ब्लॉक का मंदिरा डैम व घोघर धाम, बनेई ब्लॉक का खंडाधार जलप्रपात, लहुणीपड़ा ब्लॉक का देवधर, लाठीकटा ब्लॉक का दर्जिंग, कोइड़ा ब्लॉक का मिरीगखोज, कुआरमुंडा ब्लॉक का आमको सिमको, बड़गांव ब्लॉक का छत्रीहिल शामिल हैं।
पर्यटक आगमन के आधार पर सरकार ने इन्हें ए, बी व सी श्रेणी में बांटा है। खंडाधार जलप्रपात व वेदव्यास को ए श्रेणी में, पितामहल, मंदिरा डैम, कोइड़ा ब्लॉक का मिरीगखोज व अक्षयशिला को बी श्रेणी में रखा गया है।
पर्यटन स्थलों की सूची लंबी होती जा रही
साल दल साल पर्यटन स्थलों की सूची लंबी होती जा रही है। लेकिन उसी हिसाब से इन स्थलों का विकास बढ़ता नहीं दिख रहा है। नतीजा राउरकेला व सुंदरगढ़ को छोड़ अन्य किसी स्थल पर विदेशी पर्यटक का कदम नहीं पड़ा। केवल राउरकेला में ही 2021 में 225, 2022 में 768, 2023 में 1504, 2024 में 400 व 2025 नवंबर तक 325 पहुंचे। इनमें से कोई एक भी जिले के अन्य स्थलों पर नहीं गया।
जिला पर्यटन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक 2022 में जुनागढ़ को 21,185, वेदव्यास को 27,206, उषाकोठी को 26,147, मंदिरा डैम को 78,508, खंडाधार जलप्रपात को 1 लाख 2,475, देवधर को 31,704, घोघर धाम को 1 लाख 8,043, दर्जिंग को 35,923, मिरीगखोज को 23,107, छत्रीहिल को 12,774 व आमको सिमको को महज 4,397 पर्यटक आए।
तीन पर्यटन स्थलों को छोड़कर अन्यों का विकास नहीं
इसी आधार पर 2025 नवंबर तक राउरकेला को 3,36,127, वेदव्यास को 2,45,801, उषाकोठी को 41,835, जुनागढ़ को 843, मंदिरा डैम को 59,896, देवधर को 2,744, खंडाधार जलप्रपात को 1,60,417, घोघर को 1,23,239, दर्जिंग को 31,937, मिरीगखोज को 3,403, छत्रीहिल को 1,420, सुंदरगढ़ को 1,47,217 व आमको सिमको को महज 1,975 पर्यटक आए।
सरकार जिले के केवल तीन पर्यटन स्थलों को छोड़कर अन्यों का विकास नहीं करेगी तो वे केवल मान्यता तक सीमित रहेंगे। पर्यटन विभाग के निदेशक निरंजन महापात्र कहते हैं, पर्यटकों के लिए गाइड व ब्रोशर अत्यावश्यक हैं। इन्हें दरकिनार कर श्रेणी अनुसार विकास हो रहा। विभाग ने सरकार को विकास के प्रस्ताव भी भेजे हैं। |