रिफ्लेक्टिव टेप वाले सुरक्षा हेलमेट पहने मेट्रो कर्मी और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए मेट्रो निर्माण स्थल पर लगाए गए बैरिकेड्स। (सौ - DMRC)
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर चले मेट्रो कारिडोर के विभिन्न स्थलों के कार्य के दौरान सड़कों की खराब हालत और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिहाल से व्यवस्थाएं उपलब्ध न कराए जाने को लेकर सवाल उठने के बाद मेट्रो ने अपनी व्यवस्थाएं बेहतर करने का दावा किया है।
इसके साथ ही निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के लिए की जा रहीं व्यवस्थाओं को लेकर भी सूचना जारी की है।
जिसकेअनुसार दिल्ली में मेट्रो निर्माण स्थलों पर वाहनों एवं पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 20 किमी लंगी बैरिकेडिंग आैर 17 किमी एलईडी लाइट ब्लिंकर लगाए हैं। इसके अलावा 270 ट्रैफिक मार्शल तथा विशेष इम्पैक्ट प्रोटेक्शन वाहन तैनात
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वर्तमान में 200 किमी लंबी सुरक्षा बैरिकेडिंग
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सड़कों पर वर्तमान में दिल्ली मेट्रो के निर्माणाधीन स्थलों के आसपास वाहनों एवं पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लगभग 20 किमी. लंबी बैरिकेडिंग की गई है।
सर्दियों की रातों में कम दृश्यता को ध्यान में रखते हुए इन बैरिकेड्स को अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने योग्य बनाने के लिए लगभग 17 किमी एलईडी रोप लाइट एवं ब्लिंकर भी लगाए गए हैं।
डीएमआरसी की कारपोरेट कम्युनिकेशन विंग के प्रधान अधिशासी निदेशक अनुज दयाल ने कहा है कि जहां भी सड़क डायवर्जन किए जाते हैं, वहां आवश्यक संकेतों के साथ पर्याप्त डायवर्जन बोर्ड लगाए जाते हैं।
उनके अनुसार निर्माण स्थलों के निकट वाहनों की सुचारु एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 270 से अधिक ट्रैफिक मार्शल चौबीसों घंटे तैनात हैं। ये कर्मी ट्रैफिक विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित हैं। श्रमिकों की हाई-विजिबिलिटी जैकेट के साथ-साथ उनके हेलमेट पर भी रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए हैं।
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