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बड़ी धाकड़ हैं... वर्दी वाली दो बहनें, दंगल गर्ल गीता-बबीता जैसी हैं पहलवान पिता की दोनों बेटियां; जीत रहीं मेडल

LHC0088 3 hour(s) ago views 583
  

यूपी पुलिस की धाकड़ बहनें।



यशपाल सिंह चौहान जागरण आगरा। मध्यप्रदेश के उज्जैन की धाकड़ बहनों ने एक साथ उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहनी। पुलिस लाइंस में तैनात पहलवान बहनें अब उप्र पुलिस के खाते में सोने और चांदी के तमगे जोड़ रहीं हैं। छोटी प्रियांशी एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी है तो बड़ी बहन नुपुर के नाम नेशनल चैंपियनशिप के कई मेडल हैं।

पिता से ट्रेनिंग लेकर मैदान में उतरी बहनें अखाड़े में बड़े-बड़े पहलवानों को भी कड़ी चुनौती दे रही हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रियांशी को सम्मानित किया।  

  
स्पोर्ट्स कोटे से पुलिस में भर्ती हुई मध्यप्रदेश की पहलवान वहनों का शानदार प्रदर्शन

प्रियांशी ने बताया कि वह तीन बहनों में सबसे छोटी हैं। 15 वर्षीय छोटा भाई अभी उज्जैन में ही पढ़ाई कर रहा है। वह भी रेसलिंग में रुचि ले रहा है। स्कूल की ओर से राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिता में भाग ले चुका है। उत्तर प्रदेश पुलिस की 2023 बैच में भर्ती हुई उज्जैन के नामदारपुरा मोहल्ले की रहने वाली नुपुर और प्रियांशी की कहानी एकदम दंगल गर्ल गीता-बबीता जैसी है।

  

प्रियांशी।
प्रियांशी ने एशियन चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, नुपुर भी हैं राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी

ईंट भट्टे का कारोबार करने वाले मुकेश प्रजापत ने पहलवानी (रेसलिंग) का शौक था। नेशनल लेवल तक खेलने के बाद परिवारिक परिस्थितियों ने सपना छीन लिया। पहले तीन बेटियां हुई तो बेटियों के सहारे सपने को पूरा करने की ठानी। कांस्टेबल प्रियांशी बताती हैं कि सबसे बड़ी बहन पढ़ने में तेज थी। कुछ दिनों तक जूडो खेली और फिर छोड़ दिया। इसके बाद पिता ने नुपुर दीदी और उन्हें सिखाना शुरू किया।

  

नूपुर।
मां संगीता दोनों को सुबह उठातीं हैं और पिता लेकर जाते ट्रेनिंग

मां संगीता दोनों को सुबह पांच बजे उठातीं और पिताजी माधव गोशाला अखाड़ा बुधवारिया ले जाकर ट्रेनिंग देते। इसके बाद जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में उतारा गया। वे बताती हैं कि जब वे 12 साल की थीं तो लड़कों से कुश्ती लड़ाई गई, जिसमें वे जीतीं। 2017 में एमपी में ट्रायल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर वे दोनों बहनें भोपाल में एमपी स्टेट एकेडमी में पहुंच गईं। इसके बाद दोनों बहनों की जीत का सिलसिला शुरू हो गया।

  

पिता के साथ दोनों बहनें।
वर्ष 2019 से जारी है मेडल जीतने का सिलसिला...

वर्ष 2019 में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया कोटा में ब्रांज और दिल्ली में गोल्ड मेडल हासिल किया। 2023 में आल इंडिया यूनिवर्सिटी नेशनल चैंपियनशिप पुणे में सिल्वर मेडल हासिल किया और 2022 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप बुल्गारिया में ब्रांज मेडल मिला। जुलाई 2023 में अंडर-20 जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप जार्डन में ब्रांज मिला।
चोट से उबरने के बाद दोबारा तैयारी में जुट गई हैं नुपुर

प्रियांशी से दो साल बड़ी नुपुर बताती हैं कि एमपी पुलिस में स्पोर्ट्स कोटा नहीं है। 2023 में उप्र में महिला पुलिस कांस्टेबल की भर्ती निकली और दोनों स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती हो गईं। गाजियाबाद में ट्रेनिंग के बाद आगरा में दोनों बहनों को पोस्टिंग मिली। इसके बाद उप्र पुलिस टीम से खेलना शुरू किया। गाजियाबाद में 47 बटालियन पीएसी में तैयारी कर रहीं नुपुर 62 किलोग्राम और प्रियांशी 50 किलो वर्ग में नेशनल चैंपियनशिप के लिए जुटी हुई हैं।
दोनाें बहनें जीत चुकी हैं कई मेडल

पुलिस में भर्ती होने के बाद प्रियांशी ने मार्च 2025 में पंजाब के फगवाड़ा में हुए सीनियर फेडरेशन कप में गोल्ड मेडल और जून 2025 में वियतनाम में हुए अंडर 23 एशियन चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल हासिल कर देश का नाम रोशन किया। बड़ी बहन नुपुर प्रजापति नेशनल रेसलिंग में सिल्वर व ब्रांज मेडल जीत चुकी हैं। कंधे की चोट से कुछ दिन तक प्रैक्टिस से दूर रहीं नुपुर चोट से उबरने के बाद फिर से जुटी हुई हैं।
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