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एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। हमारे देश को गणतंत्र देश बने हुए 77 वर्ष पूरे हो गए हैं। इन 77 वर्षों में भारत ने अर्श से लेकर फर्श तक का सफर तय किया है चाहे वो इकोनॉमी, रक्षा, अंतरिक्ष के साथ ही तकनीक ही क्यों न हो। आज भारत दुनियाभर में सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में जाना जाता है जिसमें तकनीक का बहुत बड़ा हाथ है।
लेकिन, क्या आप जानते हैं तकनीकी क्षेत्र में भारत ने पहली बाइक, पहला कंप्यूटर, मोबाइल कॉल के अलावा पहले रेडियो प्रसारण की शुरुआत कहां से की, अगर नहीं तो यह पेज आपके लिए उपयोगी है। आप यहां से जान सकते हैं कि टेक्निकल क्षेत्र में भारत कैसे मजबूत गणतंत्र की नींव रखता रहा है।
कब और कैसे आयी देश की पहली बाइक
देश में पहली बार आई बाइक जी.डी. नायडू को दिया जाता है। जीडी नायडू को भारत का एडिसन भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने 1920 में पहली मोटरसाइकिल खरीदी थे। इसके बाद उन्होंने मोटरसाइकिल को बार-बार खोला और बाद में फिर से जोड़ा। ऐसे करके उन्होंने मोटरसाइकिल की मैकेनिक्स को सीख लिया। इसके बाद उन्होंने 1937 में पहली इलेक्ट्रिक मोटर का निर्माण किया। पहली बाइक से लेकर वर्तमान समय में भारत मोटरसाइकिल के मामले में सबसे बड़ा बाजार बन गया है। इस समय भारत में 22.1 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड बाइक्स हैं।
1927 में शुरू हुआ पहला कॉमर्शियल रेडियो प्रसारण
भारत का रेडियो प्रसारण आम इंसान के लिए बेहद अहम है। रेडियो की पहुंच देश के मैदानी इलाकों से लेकर लेह- लद्दाख तक है। तकनीक के साथ ही यह और भी सुगम हो गया है। वर्तमान समय में 90 करोड़ से ज्यादा इंटरनेट यूजर्स हैं जो इसे लोगों तक कनेक्ट करने में आसान है। लेकिन, यहां तक पहुंचने की शुरुआत आजादी से पहले ही 1927 में हो गई थी। हमारे देश में सबसे पहले कॉमर्शियल रेडियो प्रसारण वर्ष 1927 में हुआ था। इसके बाद से
1970-80 के दशक तक रेडियो रखने के लिए भी लोगों को डाकघर से \“रेडियो लाइसेंस\“ प्राप्त करना होता था। लेकिन इसके बाद तकनीकी क्षेत्र में विकास के साथ ही यह सभी के लिए आसान पहुंच वाला संसाधन हो गया।
आजादी के बाद मिला देश को पहला कंप्यूटर
जो कंप्यूटर/ लैपटॉप आज कल हम बैग में लिए घूमते हैं वे कभी एक कमरे के बराबर हुआ करते थे। भारत का पहला कंप्यूटर भारतीय सांख्यिकी संस्थान कोलकाता में वर्ष 1956 में आया था। इसको HEC-2M के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि डिजिटल युग की शुरुआत यहीं से हुई। समय के साथ वर्तमान समय में भारत का एआई और सुपरकंप्यूटिंग मिशन ऐरावत\“ दुनिया की सबसे शक्तिशाली टेक्नोलॉजी में शुमार किया जाता है।
पहली मोबाइल कॉल
देश में पहली बार मोबाइल से कॉल वेस्ट बंगाल के तत्कालीन सीएम ज्योति बसु व केंद्रीय संचार मंत्री सुखराम के बीच वर्ष 31 जुलाई 1995 में हुई थी। उस समय कॉल पर 16 रुपये प्रति मिनट के हिसाब से चार्ज किया जाता था। लेकिन बदलती टेक्नीक के चलते आज कॉल बेहद सस्ती दरों पर उपलब्ध है। रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान समय में भारत का एक यूजर 30 GB डाटा महीने भर में खपत करता है।
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