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सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। एक मुश्त समाधान (ओटीएस) योजना शिविर के बाहर भूड़ा भरतरा तिराहा पर उपभोक्ता से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए जेई अधीक्षण अभियंता ग्रामीण ने निलंबित कर दिया है। वहीं संविदाकर्मी की सेवा समाप्त कर दी गई। दोनों को विद्युत वितरण निगम की छवि धूमिल करने का दोषी पाया गया है।
एंटी करप्शन टीम ने बुधवार शाम भूड़ा भरतरा तिराहा से किया था गिरफ्तार
गांव नौशहरा निवासी नीरज कुमार ने एंटी करप्शन के आगरा कार्यालय में जेई द्वारा बिजली चोरी का मुकदमा और शमन शुल्क समाप्त करने के लिए 70 हजार रुपये मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। काफी प्रयास के बाद वह 40 हजार रुपये में मामला तय हुआ।
अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन की रिपोर्ट के आधार पर जारी किए आदेश
21 जनवरी को एंटी करप्शन टीम के प्रभारी संजय राय ने घेराबंदी कर ओटीएस शिविर के बाहर से जेई राजेश पाल और सहयोगी संविदा कर्मचारी जयप्रकाश उर्फ मुनीश पाल को हिरासत में लिया था। इसके अगले दिन दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।
अधीक्षण अभियंता ग्रामीण चंद्रजीत प्रसाद ने बताया कि शिकोहाबाद एक्सईएन ने जेई और संविदा कर्मचारी के रिश्वत लेने के मामले में जेल जाने के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट भेजी है। इसी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। |
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