


क्या है सरकार का विजन?
इस नीति का उद्देश्य केरल के शहरीकरण को एक वैज्ञानिक दिशा देना है। अनुमान के मुताबिक, 2050 तक केरल की लगभग 80 प्रतिशत आबादी शहरी हो जाएगी। शहरी विकास का विस्तार पहाड़ी इलाकों और तटीय पट्टी के बीच घनी आबादी वाले क्षेत्रों में विकेंद्रीकृत तरीके से होने की उम्मीद है। यह नीति शहरीकरण को राज्य के आर्थिक विकास में सहायक बनाने के तरीके भी बताती है।
कैसे तैयार हुई यह नीति
दिसंबर 2023 में सरकार ने केरल शहरी नीति आयोग का गठन किया था, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल थे। आयोग ने मार्च 2025 में मुख्यमंत्री को नवा केरल अर्बन पालिसी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट पर व्यापक चर्चा के लिए सरकार ने सितंबर में कोच्चि में एक वैश्विक सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में देश-विदेश के मंत्रियों, मेयरों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान मिले सुझावों को बाद में अंतिम नीति में शामिल किया गया। यह नीति केरल की विकेंद्रीकृत शासन और भागीदारी योजना की परंपरा पर आधारित है। इसका उद्देश्य समावेशी विकास को बढ़ावा देना है, ताकि शहरीकरण का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंच सके।

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नीति के मुख्य उद्देश्य क्या हैं
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