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यूपी में चेकिंग कर रहे सिपाही को वाहन ने रौंदा, ये देख मौन खड़े रहे अधिकारी; ग्रामीणों ने की मदद मगर हो गई मौत

cy520520 2025-10-19 01:38:00 views 790
  



संवाद सूत्र, भदैंया (सुलतानपुर)। वाहन चेकिंग कर रहे राज्य कर विभाग के सिपाही को मालवाहक वाहन के चालक ने रौंद दिया। आरोप है कि घायल को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय राज्य कर अधिकारी सहयोगियों के साथ मौन साधे खड़ी रहीं। ग्रामीण ने उसको मेडिकल कालेज के अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिवारजन अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप पर वे राजी हुए।

घटना कोतवाली देहात के अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर पकड़ी में शुक्रवार की रात हुई। राज्य कर अधिकारी (सचल दल) सोनम राय व सिपाही हरेन्द्र प्रताप यादव, चालक मोहम्मद तसलीम के साथ गोपनीय सूचना पर वाहनों की जांच कर रही थीं। इसी दौरान सुलतानपुर की ओर से आ रहे मालवाहक वाहन यूपी 44 बीटी 4462 के चालक ने सिपाही को रौंदते हुए सरकारी वाहन यूपी 32 ईजी 8962 को टक्कर मार दी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

टक्कर इतनी भीषण थी कि सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। मौके पर पहुंचे लोगों का कहना है कि घटना के बाद जांच टीम के साथ राज्य कर अधिकारी मौजूद थीं। स्थानीय लोगों की मदद से सिपाही को मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। विभागीय अधिकारियों व पुलिस ने घरवालों को घटना की सूचना दी। शनिवार शाम को घरवालों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। हरेन्द्र देवरिया थाना खुखुंदू के वीरपुर मिश्राने के रहने वाले थे।

भाई ने की राज्य कर अधिकारी पर कार्रवाई की मांग

मृतक के भाई ने सत्येन्द्र कुमार यादव ने राज्य कर अधिकारी सोनम राय पर कार्रवाई की मांग की। बताया कि बड़े भाई टीम के साथ पकड़ी में चेकिंग कर रहे थे। वहां एक वाहन आया, जिसने उन्हें रौंद दिया। गंभीर अवस्था में वे वहीं तड़पते रहे। साथ रहीं अधिकारी खड़ी रहीं, लेकिन अस्पताल नहीं पंहुचाया।

मौके पर भीड़ जमा हो गई। लोगों के पूछने पर भी उन्होंने नहीं बताया कि सिपाही उनके साथ है। ग्रामीणों ने आटो रिक्शा रुकवाकर भाई को उसमें बैठाया, लेकिन अस्पताल से करीब 500 मीटर पहले मौत हो गई। उन्होंने ने आरोप लगाया सुबह से राज्य कर अधिकारी को बुलाया जा रहा है। वे तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर नहीं आ रही हैं। सत्येन्द्र का कहना है कि समय से भाई को अस्पताल पहुंचा दिया होता तो उनकी मौत न होती। उन्हें निलंबित किया जाए। परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।

प्रत्यक्षदर्शी ने बयां की अधिकारी की संवेदनहीनता


घायल को अस्पताल ले जाने वाले दशरथ यादव का कहना है कि चेकिंग के दौरान सिपाही गाड़ी को रोक रहा था। चालक ने उसके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। महिला अधिकारी वहां मौजूद थीं, लेकिन मानवता नहीं दिखाई। उन्होंने न तो किसी एंबुलेंस को फोन किया न सरकारी गाड़ी मंगवाई। आधे घंटे बाद आटो रिक्शा से लेकर आ रहे थे, रास्ते में सिपाही की मृत्यु हो गई।


विभागीय सचल दल रात्रि में चेकिंग कर रहा था। उसी समय यह हादसा हुआ, जिसमें ड्यूटी कर रहे सिपाही की मौत हो गई। वाहन पकड़ा गया है, चालक फरार हो गया है। अन्य जो बातें हैं, उनके बारे में पता किया जाएगा। -लोहितेश स्मृत शरण, राज्य कर उपायुक्त
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